स्माइल करने से शरीर में इतने अच्छे सकारात्मक बदलाव होते हैं कि शरीर में रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ती है - इसी सिद्धांत पर लाफ्टर थेरापी विकसित हुई है । अमेरिका में मायो क्लिनिक के रिसर्चरों ने कहा है हास्य के कारण ब्रेन में ऐसे केमिकल पैदा होते है जो इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत बनाते है । [...]
जीवन में बार-बार असफलता मिलने पर क्या करें ? तुम्हारे विचार ठीक हो, तुम्हारी दृष्टि स्पष्ट हो, तो सफलता तो तुम्हारे चरणों की दासी है । मायूस न हो, इरादे न बदल, तकदीर किसी वक्त भी बदल सकती है । दस बार तुमने हानि उठाई, तो यह जरूरी नहीं है कि ग्यारहवीं बार भी तुमको [...]
आप कोई ऐसी पहल कीजिये, जो समाज के लिए, देश के लिए हितकारी हो ! वाकई सराहनीय हो । मैं चाहता हूँ हम सबकी शक्ति और हमारा सामर्थ्य समाज के, देश के हर तबके के लोगों के हित में लगे ! जनहित ही हमारा लक्ष्य हो । कोई भी विकास की पहल जो देर-सबेर हितकारी [...]
शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि समस्त ब्रह्मांड में मोक्षलोक भूलोक माना गया है और भूलोक में भारत वर्ष, भारत वर्ष में भी सनातन धर्म । सनातन धर्म में छ रूपों में परमेश्वर की आराधना-उपासना होती है । जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य के अनुसार शिव, शक्ति, गणेश, सूर्य, विष्णु तथा निराकार ब्रह्म । वेद, पुराण, रामायण, [...]
कितने निर्दोष जेलों में न होते ... महात्मा गाँधी से सवाल किया किसीने - ‘ऐसी कौन-सी चीज है, जो आपको रात-दिन चिंता करावे और जिसके कारण आपको हमेशा बेचैनी ही रहती हो ?’ बापू गांधीजी एक क्षण रूके फिर बोले - ‘पढ़े-लिखे लोगों में से दयाभाव सूख गया है, इस बात से मुझे हमेशा चिंता [...]
पितृदोष दूर करने के लिए जरूरी हैं ये उपाय सूर्य ग्रह को पिता तुल्य माना गया है । जबकि राहु एक छाया ग्रह है । जब यह सूर्य से मिल जाता है तो सूर्य को ग्रहण लग जाता है । इसी प्रकार, जब जन्म कुंडली में सूर्य-चंद्र और राहु एक घर या स्थान में युति [...]
श्रद्धा और मंत्र के मेल से पितरों की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे 'श्राद्ध' कहते हैं। हमारे जिन संबंधियों का देहावसान हो गया है, जिनको दूसरा शरीर नहीं मिला है वे पितृलोक में अथवा इधर-उधर विचरण करते हैं, उनके लिए पिण्डदान किया जाता है। विचारशील पुरुष को चाहिए कि जिस दिन श्राद्ध करना हो [...]
उठाओ, कलम और लिखना शुरू करो... ! ब्रिटेन में राइटिंग हैबिट - लिखने की आदत के बारे में एक संशोधन हुआ कि प्रतिदिन 5 से 20 मिनट तक लिखने से जीवन में बहुत बदलाव आता है । पहले के जमाने में लोग दैनंदिनी लिखते थे, हिसाब-किताब भी हाथों से लिखते, पर आजकल डिजिटल डिवाइस - [...]
मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है - अज्ञान । आओ, इसे खत्म करें । विश्व शांति का संदेश, मानवता का पैगाम देते रहो, क्योंकि यही देते रहना चाहिये । नासमझी, अज्ञान मिटाएँ, विश्व का आतंकवाद-अशांति मिटाएँ ! दुनिया को बेहतर बनाएँ !
हर वर्ष भादो मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को राधाष्टमी के रुपमें मनाया जाता है । यह दिन विशेषकर 'राधा' के स्मरण-चिन्तन का दिन है व बड़ा प्रेरक दिवस है । श्रीमद् भागवत में वर्णित 'रासलीला' में राधा का संकेत मिलता है । 'राधा' का चरित्र - उनकी विशेषता - का वर्णन कर पुराणों [...]
बचपन को निकालना होगा मोबाइल की कैद से ! बच्चों में खतरनाक स्तर पर पहुंचे स्क्रीन टाइम को लेेकर अब दुनियाभर में सरकारें चिंतित होने लगी हैं। बच्चों में इंटरनेट की लत रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया के बाद अब ग्रीस की सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए नए साल में किड्स वॉलेट ऐप लॉन्च करने [...]
खुशहाल जिंदगी के समर्थक – श्री गणेश - नारायण साँईं 'श्री गणेशाय नमः' के साथ गणपति गजानन बप्पा का मंगलमय स्मरण करते हुए विश्व के तमाम मनुष्यों को गणेश उत्सव के अवसर पर मैं हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ प्रदान करता हूँ । भारत में करीब 70-75 साल पहले स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बाल गंगाधर तिलक [...]
भगवान गणपति पूजन की महिमा एवं विधि... भगवान गणपति का उत्सव देश और विदेश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । 'गणपति बप्पा मोरया, लाड़ू लाओ लवकरया ।' इस प्रकार गणपति बप्पा के भक्त रिद्धि और सिद्धि की प्राप्ति के लिए, बुद्धि को सूक्ष्म बनाने के लिए और अपने जीवन मार्ग में आनेवाले [...]
मंडला कला ! मैं आपको मंडला कला के बारे में बताना चाहता हूँ । क्या आप इस बारे में जानते हैं? मंडला कला सिर्फ़ जटिल पैटर्न वाली रंग भरने वाली कला नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा तरीका है जिसके ज़रिए इस दुनिया में कुछ लोग, जो काम और जीवन के तनाव के बीच जूझ [...]
World Suicide Prevention Day: 10 Sept आत्महत्या की खबरें पढ़कर मेरा हृदय बहुत दुःखी और व्यथित हो उठता है । मेरे देश का कोई भी नागरिक आत्महत्या करने की तो दूर की बात, आत्महत्या सोच भी कैसे सकता है ? भारत की व्यवस्थाएं इतनी चरमरा गई हैं कि हर रोज न जाने कितनी आत्महत्याएं होती [...]
मातृवत्सल हृदय से दुःखितों की सेवा करनेवाली सिस्टर लूसी के जीवन की एक झलक... सिस्टर लूसी मानो मूर्तिमंत व्यापक मातृत्व ! ऐसा मातृत्व जो धर्म-भाषा-प्रदेश-जाति-पक्ष-पंथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को मानता ही नहीं है । प्रेम, प्रेम और प्रेम ! निरुपाधिक प्रेम से, वात्सल्य से छलकता हुआ मातृत्व । केरल के एक छोटे से [...]