बस यही प्रार्थना है !!!
जिस प्रकार देवों के देव महादेव पहले प्रकट हुए और फिर उनके सुपुत्र श्री गणेशजी का आगमन हुआ, उसी प्रकार हमारे शिवस्वरूप बापूजी पहले हमारे बीच आए और अब हमारी यही प्रबल प्रार्थना है कि हमारे गणपति स्वरूप साँईंजी भी शीघ्र हमारे बीच पधारें !
इस वर्ष भी वही दिव्य क्रम दिखाई देता है। फरवरी में शिवरात्रि का पावन पर्व आकर चला गया और अब अगस्त में गणेशोत्सव का मंगलमय अवसर आया है। 27 अगस्त से शुरू होकर 9 दिनों तक गणपति बप्पा का जयघोष वातावरण को भक्तिरस से सराबोर करेगा।
आश्चर्य की बात है कि जहाँ साधारणतः निराशा और बंधन का वातावरण होता है, उसी जेल परिसर में भी अब भक्ति और उमंग की लहर दौड़ रही है। वहाँ भी गणपति उत्सव की भव्य तैयारियाँ हो रही हैं।
A-3-2 बैरक को बड़े ही स्नेह और उत्साह के साथ सजाया गया है। कैदियों ने अपनी कला और श्रद्धा से झूमर, लाइटिंग और अन्य सजावट की है।
इस उत्सव में कैलाशभाई राजानी, भाविनभाई पटेल, मेरुभाई, विनायक और कई अन्य साथियों ने मिलकर अपनी आस्था और श्रद्धा का परिचय दिया है। भगवान के उपासक और साँईं के साथ सभी मिल-जुलकर इस उत्सव को दिव्य बनाने में जुटे हैं।
जेल अधीक्षक और जेल प्रशासन ने भी इस भक्ति आयोजन में पूर्ण सहयोग दिया है। उनके निर्देशन और मार्गदर्शन में ही यह संभव हो पाया कि जेल जैसी जगह पर भी उत्सव का वातावरण निर्मित हुआ।
अंततः हम सब भक्तों की यही प्रार्थना है कि जैसे शिवजी पहले आए और फिर गणेशजी का आगमन हुआ, वैसे ही अब हमारे गणपति स्वरूप साँईंजी भी शीघ्र आगमन हो हमारे बीच और हम भक्तों के जीवन में आनंद व मंगल का संचार हो ।