Sharad Poornima 2021 – Special Sandesh
शरद पूर्णिमा पर नारायण साँईं का संदेश... आप सभी को शरद पूर्णिमा की हार्दिक बधाई देता हूँ । नवरात्र व दशहरा (विजयादशमी) के बाद अब दीपावली के प्रकाश पर्व की बेसब्री से प्रतीक्षा हो रही है । शरद पूर्णिमा के बाद तोड़े गए आँवलों का महत्व है और इन आँवलों से बना च्यवनप्राश बहुत गुणकारी [...]
Sharad Poornima’s Kheer
शरद पूर्णिमा की खीर : एक अमृतमय औषधि ! शरद पूर्णिमा की शीतल रात्रि में छत पर चंद्रमा की किरणों में महीन कपडे. से ढक कर रखी हुई खीर अवश्य खानी चाहीए। भरपेट ना खाएं रात होने के कारण कम खाएं, सावधानी बरतें। यह चंद्रमा की किरणों में ढाई-तीन घंटे (९-१२ बजे) रखी हुई खीर [...]
दही और केले का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद !
दही और केले का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद ! दही और केले का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है । अगर आप सुबह दही के साथ केला खाते हैं, तो इससे कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं । अगर आप सुबह नाश्ते में दही केला खाते हैं, तो इससे शरीर को पूरे दिन काम [...]
विजयादशमी : सत्यमेव जयते !
विजयादशमी यदि तुम सत्य के मार्ग से नही हटते, तो प्रवाह तुम्हारे साथ है, समय तुम्हारे साथ है, विजय तुम्हारे हाथ है ! सत्यमेव जयते !
भक्त हृदयोद्गार : अब आ जाओ साँईं प्यारे…!
अब आ जाओ साँईं प्यारे...! एक-एक घड़ी याद है तुम्हारी, दरस दिखाओ नुरानी नजर तुम्हारी, साँईं तुम ही प्राण हो हमारे, तुम ही हो रक्षणहार हमारे, तुम बिन कैसा जीना हमारा, कैसा है निर्लेप जीवन तुम्हारा, तुम बिन ये काया मृत है हमारी, तुम ही हो अंदर की श्वास हमारी, आप नहीं तो कुछ भी [...]
नवरात्रि विशेष : नवरात्रि पर माँ से प्रार्थना !
चाहे कहो ब्रह्मचारिणी या स्कंदमाता, महागौरी या कहो सिद्धिदात्री, माँ आदिशक्ति के स्वरूप में चरितार्थ होती है नारी शक्ति । नवरात्रि की आराधना में हूबहू प्रतीत है स्त्रीत्व का शुभ साक्षात्कार ! जिसमें माँ अंबा विभिन्न रूपों में व्याप्त है सम्पूर्ण सृष्टि में ! हर नर-नारी पूजे शक्ति को, स्वयं में करें शक्ति का संचार [...]
क्या आप अपने जीवन की सही दिशा जानते हैं ?
क्या आप अपने जीवन की सही दिशा जानते हैं ? सत्संग करो मिल भाई, छोड़ो जग की चतुराई । चुन-चुनकर ईंटे और पत्थर ऊँचे मंजिल वास किया, हरि भजन का समय अमोलक, उसका सत्यानाश किया, निर्बल और गरीबों की कछु करी नहीं सुनवाई | सत्संग करो मिल भाई, छोड़ो जग की चतुराई । कितनी कला [...]