ॐ और जीवनचक्र का अद्भुत संयोजन !
ॐ और जीवनचक्र का अद्भुत संयोजन ! ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।। इसका अर्थ है : ॐ अर्थात परमात्मा पूर्ण है, यह जगत भी पूर्ण है । उस पूर्ण से यह पूर्ण आत्मा उत्पन्न होती है । पूर्ण से पूर्ण निकालने पर भी जो बचता है वह भी पूर्ण ही [...]