हृदय महाधन है, उसकी रक्षा करनी चाहिए !
हृदय महाधन है, उसकी रक्षा करनी चाहिए ! (पूज्य साँईंजी के ‘ज्योत से ज्योत जगाओ’ नामक सत्-साहित्य से संकलित) सत्शिष्य के हृदय से निकले उद्गार हैं ये ! – ‘सद्गुरु ज्योत से ज्योत जगाओ...’ जब अंदर की ज्योत जग जाती है, तो बाहर की ज्योत फीकी हो जाती है । जिसकी वह अंदर की ज्योत [...]
भारत देश हमारे गुरुदेव का है !
भारत देश हमारे गुरुदेव का है । ये राष्ट्र हमारे गुरुदेव की कर्मभूमि है । राष्ट्र की सेवा गुरुदेव की सेवा है । मन, वचन, कर्म से हम राष्ट्र की सेवा करते हुए राष्ट्र को विश्व का श्रेष्ठतम देश बनाने के लिए तत्परता से प्रयत्न करें और हमारे राष्ट्र के सद्गुरु का ज्ञान विश्व के […]
Poem : साथ रखकर हमें आप…
साथ रखकर हमें आप… साथ रखकर हमें एक कदम आगे बढ़ाकर तो देखो, प्रेम का स्वाद आप चखकर तो देखो, कर देंगे हम आपको ऐसा तरबतर, हमारी यादों को मन में रखकर तो देखो ! स्वर्ग यहीं है ऐसा अहसास होगा तुम्हें, हमारे साथ भविष्य की कल्पना करके तो देखो ! मारबल की मूरत लगेगी [...]