विश्वगुरु भारत का स्वर्णिम समय अब शुरू होने जा रहा है। परिवर्तन की एक महान क्रांति होने जा रही है। देखते ही देखते संकट कटेंगे, अवरोध मिटेंगे, अभूतपूर्व उन्नति के अवसर खुलेंगे और श्रेष्ठ भाग्य का निर्माण होगा। आइये, हम आगे आयें, साथ चलें, आगे बढ़ें! समय यही है, नकारात्मकता को दूर कर दें, पुरुषार्थ [...]
'सबमें भारत और भारत में सब' आइये, लोकतंत्र बचाएँ, देश की स्वतंत्रता के रक्षक बनें और भारत की आत्मा को जिन्दा बनाये रखें । - नारायण साँईं मैं, भारतीय विद्या भवन के संस्थापक और कुलपति के. एम. मुनशी के उमदा विचार नवनीत मासिक पत्रिका के अक्टूबर 2019 के अंक में पढ़ रहा था । उनके [...]
सोश्यल मीडिया : कितना सच कितना झूठ... एक बनावटी, झूठी और ढोंगी दुनिया को समझो... बात कड़वी है यह सच है लेक्सी हेरिक की, जो कि वे एक मनोवैज्ञानिक है और समाजशास्त्री हैं । उन्होंने 'हाफिंग्सन पोस्ट' में आज के सोश्यल मीडिया के बारे में कहा है कि - किस-किस स्तर पर हमारी जीवनशैली को [...]
साँई संदेश ! कभी-कभी मनुष्य दूसरों पर आज्ञा चलाने के बलाधिकार सुख में सामनेवाले का उत्तर सुनने व उसके हृदय को समझने की योग्यता तक खो बैठता है । सामनेवाले को हमारी बात मानने की लाचारी हमारे अभिमान को बढ़ाती है यह आत्म निरीक्षण करने पर मालूम होती है । - पूज्य श्री नारायण साँई [...]
वेदों के ज्ञान और तकनीक का भान 'जेन-जी' को कराएंगे, तो ही विकास होगा ! चीन द्वारा हाल ही में अपने पूर्वी तट पर स्थित समुद्र में एक विशाल जहाज से कमर्शियल ग्रेविटी-1 नाम के रॉकेट का सफल परीक्षण किया गया। इस परीक्षण के साथ ही स्पेसरेस (अंतरिक्ष दौड़) में एक नया अध्याय जुड़ जाने [...]
मोबाइल फोन का अधिक उपयोग करते हो, तो हो जाओ सावधान ! आज के अखबार में आया है । लेटेस्ट न्यूज बताता हूँ । सुबह अखबार ले आया था कोई, तो मैं जल्दी-जल्दी देख रहा था । एक खबर लास्ट पेज पर थी । लिखा था मोबाइल से ब्रेन हेमरेज, मोबाइल से ट्यूमर होता है [...]
डार्विन के उत्क्रांति के सिद्धांत (Theory of Evolution) को चुनौती देनेवाले सृजनवादी (विकासवादी) वैज्ञानिक... देवेश मेहता जीव विज्ञान का अध्ययन करनेवाले सभी ‘उत्क्रांति के सिद्धांत’ को प्रस्तुत करनेवाले ब्रिटिश वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन के नाम से परिचित होंगे ही । चार्ल्स डार्विन ने विलियम बेटसन और आलफ्रेड वोल्स के साथ संशोधन करके "द ओरिजन ऑफ स्पेसिज" [...]
क्या आप चाहते हैं राष्ट्रशांति ? विश्वशांति ? आत्मशांति ? अगर हाँ तो आइये, शुभ मैत्री, पावन प्रेम का विस्तार करें ! बुद्ध ने कहा : मैत्री ब्रह्मविहार का प्रथम सोपान है... माँ भी मित्र हो सकती है, पिता भी । भाई-बहन भी मित्र हो सकते, बेटी भी पिता की मित्र हो सकती। आइये, हम [...]
सभी गुरुभाई एवँ गुरुबहनें गुरुपूनम के पावन पर्व पर अपने-अपने घरों में सद्गुरुदेव का विधिवत पूजन अथवा मानसिक पूजन अवश्य करें । ब्रह्ममुहूर्त में उठने का प्रयास करें । स्नान करके प्रातः साधना में बैठें । कम-से-कम २-३ घंटे तक गुरुदेव का ध्यान करें । उसके बाद सद्गुरुदेव मानसिक पूजन करें । अपने सामर्थ्य अनुसार [...]
जब हम खुश होते हैं, चीजें बदल जाती हैं ! यह लेख पढ़ रहे आपमें से अधिकांश लोगों के पास कुछ किताबें जरूर होंगी, पर कितनों ने अपने अतिथि गृह को उनके लिए पुस्तकालय की तरह खोलने का निर्णय लिया है । शिल्पा सावंत उनमें से एक हैं और उनके पास 850 कॉमिक किताबें हैं [...]
नगर भ्रमण भगवान का, होगा श्री जगन्नाथ का.... आओ, आषाढ़ी शुक्ल दूज पर, रथ यात्रा के उत्सव पर !ताल मृदंग की थाप पर, नाचें, झूमें भगवान की जय - जयकार करें...भक्तों और भगवान के साथ की सम्मिलित यात्रा का बनता है भारत साक्षी...धर्मयात्रा - पावन यात्रा रथ - यात्रा आओ, शामिल हो शुभयात्रा में !
फिनलैंड में पुराने फोन, प्लास्टिक का नए सिरे से उपयोग... आइये, कुछ बदलाव करें । सर्कुलर इकोनोमी अपनाएँ ! हर वेस्ट को बेस्ट बनाने का प्रयास करें, सदुपयोग करें, सभी किस्म के कचरे और वेस्ट को, रीयूज़ करने का अभियान चला दें ! अर्थ व्यवस्था को नया रूप प्रदान करें ! जैसे कि फिनलैंड ने [...]
झूठे आरोप सहना, उनका मुकाबला करना भी महान तपस्या है ! आज एक सुभाषित मेरे पढ़ने में आया जिसे यहाँ लिख रहा हूँ । बहुत मस्त लगा। धवलयति समग्रं चन्द्रमा जीवलोके किमिति निजकलङ्कं नात्मसंस्थं प्रमार्ष्टि | भवति विदितमेतत्प्रायशः सज्जनानां परहितनिरतानामादरो नाSSत्मकार्ये || इस सुभाषित का सार ये है कि : चंद्रमा की शीतल श्वेत [...]
हम पाप नहीं करते किसी को दुःख नहीं देते, फिर भी हमारी निन्दा होती है तो उसमें दुःख नहीं होना चाहिये, परन्तु प्रसन्नता होनी चाहिये । भगवान की तरफ़ से जो होता है, सब मंगलमय ही होता है इसलिये मन के विरुद्ध बात हो जाये तो उसमें आनंद मनाना चाहिये ।
अदालत उवाच विचाराधीन कैदियों की रिहाई: जेल सुधार की दिशा में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का एक निर्णायक कदम ! हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने देश की 1382 जेलों में अमानवीय स्थितियों को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 479 को सभी राज्यों में प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता [...]
सिम्युलेशन थ्योरी : अब टेक्नोलॉजी भी कहती है कि जगत मिथ्या है ! क्या यह दुनिया परम तत्त्व या प्रकृति नहीं, बल्कि किसी अत्याधुनिक कम्प्यूटर सिस्टम द्वारा चलाई जा रही हो सकती है ? मनुष्य सहित समूची जीव-सृष्टि, हमें जो कुछ भी दिखाई देता है-समझ में आता है, क्या वह सब किसी के ‘रिमोट कंट्रोल’ [...]