दूर रहकर भी दिल से दिल का जुड़ाव हो सकता है ! जिंदगी मीठी प्यास है, अपने-अपने ढंग से सब बुझाते हैं । माता-पिता की प्यास अपने बच्चों को देखकर ही तृप्ति में बदल जाती है । आजकल ज्यादातर माता-पिता इस बात से परेशान हैं कि बच्चे दूर चले गए और जाकर हमें भूल गए [...]
Wabi - Sabi का तत्वज्ञान दूर करेगा अवसाद-भय-चिंता से... ! ■ डिप्रेशन और तनाव का मूल कारण :- दुनिया के मापदंड के अनुसार जो प्राप्त नहीं हुआ, उस स्थिति का स्वीकार करने से इन्कार । ■ तीन बड़ी चुनौतियाँ :- वर्तमान स्थिति से तनावपूर्ण रहना, परिवर्तन का डर सताना और अपूर्ण होने का रंज । [...]
अपना मुखड़ा देखने के बावजूद लोग अपने को कहाँ देख पाते हैं ? मैं तो स्वयं का दर्शन करने हर रोज ध्यानस्थ होता हूँ, आज ध्यान शरीर के मुखड़े पर गया... और स्वयं को ही देख मुस्कुरा गया... अपने आपको देखने का भी तो मजा है... अपने आपका आकर्षण भला किसको नहीं होता ? सेल्फी [...]
पितृदोष दूर करने के लिए जरूरी हैं ये उपाय सूर्य ग्रह को पिता तुल्य माना गया है । जबकि राहु एक छाया ग्रह है । जब यह सूर्य से मिल जाता है तो सूर्य को ग्रहण लग जाता है । इसी प्रकार, जब जन्म कुंडली में सूर्य-चंद्र और राहु एक घर या स्थान में युति [...]
मैं श्राद्ध पक्ष के इस पावन दिनों में हम सभी को पितृओं का आशीर्वाद मिलें ऐसी कामना करता हूँ । श्राद्ध पक्ष के सोलह दिन ( भादों पूर्णिमा से भादों अमावस्या तक ) पितृगण सुक्ष्मरूप से पृथ्वी पर विचरण करने आते हैं और उनके वंशजों द्वारा अर्पित किए गए भोज्य पदार्थों को व जल को [...]
श्रद्धा और मंत्र के मेल से पितरों की तृप्ति के निमित्त जो विधि होती है उसे 'श्राद्ध' कहते हैं। हमारे जिन संबंधियों का देहावसान हो गया है, जिनको दूसरा शरीर नहीं मिला है वे पितृलोक में अथवा इधर-उधर विचरण करते हैं, उनके लिए पिण्डदान किया जाता है। विचारशील पुरुष को चाहिए कि जिस दिन श्राद्ध करना हो [...]
आध्यात्मिक जीवन जीने का अर्थ है - अच्छा होना, ईमानदार होना तथा शांतिपूर्ण होना । अपने आचरण में प्रेम का होना, प्रकाश का होना । सभी की देखभाल करना । सम्पूर्ण जीवन, प्रकृति तथा सभी चीजों का आदर करना, क्योंकि सभी में वही चेतना है, जो हममें है । आध्यात्मिकता का अर्थ है आजादी से [...]
उठाओ, कलम और लिखना शुरू करो... ! ब्रिटेन में राइटिंग हैबिट - लिखने की आदत के बारे में एक संशोधन हुआ कि प्रतिदिन 5 से 20 मिनट तक लिखने से जीवन में बहुत बदलाव आता है । पहले के जमाने में लोग दैनंदिनी लिखते थे, हिसाब-किताब भी हाथों से लिखते, पर आजकल डिजिटल डिवाइस - [...]
मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है - अज्ञान । आओ, इसे खत्म करें । विश्व शांति का संदेश, मानवता का पैगाम देते रहो, क्योंकि यही देते रहना चाहिये । नासमझी, अज्ञान मिटाएँ, विश्व का आतंकवाद-अशांति मिटाएँ ! दुनिया को बेहतर बनाएँ !
हर वर्ष भादो मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को राधाष्टमी के रुपमें मनाया जाता है । यह दिन विशेषकर 'राधा' के स्मरण-चिन्तन का दिन है व बड़ा प्रेरक दिवस है । श्रीमद् भागवत में वर्णित 'रासलीला' में राधा का संकेत मिलता है । 'राधा' का चरित्र - उनकी विशेषता - का वर्णन कर पुराणों [...]
खुशहाल जिंदगी के समर्थक – श्री गणेश - नारायण साँईं 'श्री गणेशाय नमः' के साथ गणपति गजानन बप्पा का मंगलमय स्मरण करते हुए विश्व के तमाम मनुष्यों को गणेश उत्सव के अवसर पर मैं हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ प्रदान करता हूँ । भारत में करीब 70-75 साल पहले स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बाल गंगाधर तिलक [...]
भगवान गणपति पूजन की महिमा एवं विधि... भगवान गणपति का उत्सव देश और विदेश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । 'गणपति बप्पा मोरया, लाड़ू लाओ लवकरया ।' इस प्रकार गणपति बप्पा के भक्त रिद्धि और सिद्धि की प्राप्ति के लिए, बुद्धि को सूक्ष्म बनाने के लिए और अपने जीवन मार्ग में आनेवाले [...]
मंडला कला ! मैं आपको मंडला कला के बारे में बताना चाहता हूँ । क्या आप इस बारे में जानते हैं? मंडला कला सिर्फ़ जटिल पैटर्न वाली रंग भरने वाली कला नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा तरीका है जिसके ज़रिए इस दुनिया में कुछ लोग, जो काम और जीवन के तनाव के बीच जूझ [...]
उत्सव और त्यौहारों पर लोग एक-दूसरे को कुछ-न-कुछ भेंट देते हैं । परंतु भेंट देने का भी एक विज्ञान है । स्वीकार करनेवाले को आश्चर्य हो ऐसी नहीं लेकिन उसे उपयोगी हो ऐसी भेंट देनी चाहिये । अगर भेंट आपको स्वयं को स्वीकार करनी हो तो आप क्या पसंद करेंगे इस विचार के आधार पर [...]
ॐ और जीवनचक्र का अद्भुत संयोजन ! ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते । पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते ।। इसका अर्थ है : ॐ अर्थात परमात्मा पूर्ण है, यह जगत भी पूर्ण है । उस पूर्ण से यह पूर्ण आत्मा उत्पन्न होती है । पूर्ण से पूर्ण निकालने पर भी जो बचता है वह भी पूर्ण ही [...]
अगर आप अकेला महसूस करते हैं तो पढ़ें साँईं जी के अनमोल वचन जो दूर करेंगे आपका अकेलापन ! WHO की रिपोर्ट : दुनिया का हर चौथा इंसान अकेला, महामारी बना अकेलापन ! अगर आप अकेले हो गए तो फिक्र मत करो… क्योंकि अकेलापन आपके स्पीरिट को जगाने की साइंटिफिक पद्धति है… ईश्वर के साथ [...]