अशुद्ध बुद्धि से गलत इरादे रखकर आजकल कुछ युवतियाँ या महिलाएँ पुरुषों के ऊपर गलत आरोप लगाती हैं और महिला सुरक्षा के बने हुए कानूनों का दुरुपयोग करती हैं ऐसी कई घटनाएँ सामने आ रही है । महिलाओं/युवतियों द्वारा लगाए हुए मनगढ़त गलत बेबुनियाद यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, छेड़छाड़ के आरोपों के कारण कई पुरुष [...]
24 घंटे में से डेढ़ घंटा ऐसा निकाले कि उसमें ना कोई काम हो, ना कोई योजना हो। बस वो अपने आप के साथ कनेक्ट होना है। दुनिया के साथ कनेक्ट होने के चक्कर में अपने आप के साथ कनेक्ट होना भूल गए । "सेल्फ कनेक्ट " दूसरों से कनेक्ट होने के चक्कर में अपने [...]
हम सद्गुरु को नमस्कार क्यों करते हैं ? हम संतों की वंदना क्यों करते है ? हम सद्गुरु को नमस्कार क्यों करते है ? महापुरुषों की सेवा क्यों करते है ? उनके आगे क्यों नतमस्तक होते है ? क्योंकि उन्होंने अपने करने की, मानने की, जानने की तीनों शक्तियों का सदुपयोग किया । महान [...]
सद्गुरु कृपा की संपत्ति ! बाहर का धन तो जॉब से मिलेगा और बिजनेस से मिलेगा लेकिन जब तक आध्यात्मिक धन जीवन में नहीं आया तो बाहर का धन किस काम का ? हम तो वो खजाना देते हैं जो मौत का बाप भी नहीं लूट सकता । और मीरा कहती है कि पायो मैंने [...]
🔹पुण्यों का संचयकाल : चतुर्मास (‘पद्म पुराण’ व ‘स्कंद पुराण’ पर आधारित) आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान विष्णु योगनिद्रा द्वारा विश्रांतियोग का आश्रय लेते हुए आत्मा में समाधिस्थ रहते हैं । इस काल को ‘चतुर्मास’ कहते हैं । इस काल में किया हुआ व्रत-नियम, साधन-भजन आदि अक्षय फल [...]
सभी गुरुभाई एवँ गुरुबहनें गुरुपूनम के पावन पर्व पर अपने-अपने घरों में सद्गुरुदेव का विधिवत पूजन अथवा मानसिक पूजन अवश्य करें । ब्रह्ममुहूर्त के भी पहले उठने का प्रयास करें । स्नान करके प्रातः ४ बजे तक साधना में बैठें । कम-से-कम २-३ घंटे तक गुरुदेव का ध्यान करें । उसके बाद सद्गुरुदेव के लिए [...]
संगीत जीवन की ध्वनि है ! (विश्व संगीत दिवस - 21 जून) - पूज्य श्री नारायण साँईं सूरों के अनेक ताल हैं और हरेक ताल का भी एक लय है । संगीत की दुनिया में हमने अनेक सुर सुने होंगे और गाये होंगे लेकिन क्या आप जानते हो कि संगीत के कितने प्रकार हैं ? [...]
ये भी एक दृष्टिकोण है, एक मन्तव्य है — एक ठोस कारण हो सकता है... अहमदाबाद विमान दुर्घटना के पीछे! जहाँ सभी लोग अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जाँच के लिए गठित हुई हाई लेवल समिति के विश्लेषण की प्रतीक्षा कर रहे हैं और ब्लैक बॉक्स की जाँच-पड़ताल में क्या सामने आता है — ये जानने [...]
गुजरात के बड़ोदा में एम. एस यूनिवर्सिटी के संस्कृत महाविधालय के अध्यापक रामपाल शुक्ल ने आंध्र प्रदेश से पुंगनुर गाय मंगवाई है - इसकी कीमत 3.50 लाख रु. है । आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक वैधराज ने 14 साल की मेहनत के बाद पुंगनुर गाय की प्रजातियों में सुधार किया है । पहले ये [...]
हमारे प्रयास तेजी से व्यापक रूप से प्रदूषणमुक्त जीवनशैली अपनाने के होने चाहिये । हमारी जीवनशैली हमारे लिए ही खतरनाक बनती जा रही है । प्रदूषण इतना हम लोग फैलाते जा रहे हैं कि आनेवाली पीढ़ियों के लिए यह धरती हम रहने लायक नहीं छोड़ेंगे । ऐसा ही चलता रहा तो गाय के अलावा सस्तन [...]
गाय के दूध के 10 बेहतरीन फायदे – क्यों रोज़ पीना चाहिए ये अमृत समान पेय गाय का दूध सिर्फ एक पोषक पेय नहीं, बल्कि संपूर्ण आरोग्य का स्रोत है। यदि आप इसे अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से शामिल करते हैं, तो कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। विश्व दुग्ध दिवस के [...]
सूरत से पूज्य श्री नारायण साँईं जी द्वारा चयनित समाचार... एलास्मोथेरियम, जिसे ‘गांबीयन साइबेरियाई यूनिकॉर्न’ भी कहा जाता है, यह विलुप्त प्रजाति का विशालकाय गैंडा था, जो यूरेशियाई क्षेत्र में लेट प्लायोसिन और प्लेइस्टोसीन युग (लगभग 39,000 साल पहले) में पाया जाता था। यह अपने विशाल सींग और फर से ढके शरीर के लिए प्रसिद्ध [...]
कौन कहता है कि आप नहीं हैं हमारे साथ ? हमारे नाम के उद्गम में, हमारे मन की गहराइयों में, हमारी रग-रग में, नसों में… हमारे खून में, हमारी आँखों से बहते आँसुओं में… हमारे मुखमंडल आभा में… हमारी यादों में, हमारे सपनों में, हमारे ख्वाबों, ख्यालों में, हमारे दिल-औ दिमाग में आपकी छवि, आपका [...]
गुरुदेव रविन्द्रनाथ टैगोर ने कहा था : "प्रेम का उपहार दिया नहीं जा सकता, वह प्रतिक्षा करता है कि उसे स्वीकार किया जाए !" मेरे ... अनन्त, अक्षुण्ण, अगाध, अप्रतीम, असीम दिव्य प्रेम को आप स्वीकार करें, बस मैं यही चाहता हूँ ! आपके निःस्वार्थ, निष्काम प्रेम को मैंने स्वीकार किया है इसी अनुभव से [...]
देवर्षि नारद जयंती : विश्व के श्रेष्ठ प्रथम पत्रकार / मीडिया रिप्रेसेन्टेटीव सदा चलते रहनेवाले, सबके सुख-दुःख की खबर रखनेवाले ब्रह्मांड के प्रथम पत्रकार देवर्षि नारद के सूत्र नए दौर में मीडिया के लिए ज्यादा प्रासंगिक लगते हैं। यह वक्त जागने का है, स्वयं को बदलने का है, स्वयं को गठने का है । दूसरों [...]
"बुद्धं शरणं गच्छामि । धम्मं शरणं गच्छामि । सत्यं शरणं गच्छामि ।" मैं बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म को अलग कर पाने में कठिनाई महसूस करता हूँ । एक ही सिक्के के दो पहलू है । उन्होंने सत्य को कुछ अलग नजरिये से देखा और वही नजरिया हमें बताया । सत्य ही एक है । [...]