बासी (फर्मेंटेड) चावल का सुपरफूड !

बासी (फर्मेंटेड) चावल का सुपरफूड !

बासी (फर्मेंटेड) चावल का सुपरफूड : एक बेहतरीन नाश्ता !

बचपन से लेकर कॉलेज, और फिर नौकरी से लेकर शादी तक एक दृश्य मेरी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा रहा। रात के बचे हुए चावल में पानी डालकर रसोई के किसी कोने में छोड़ देना, बिना किसी फ्रिज के सहारे।
अगली सुबह नानी (और बाद में माँ) तिल के तेल का छौंक लगातीं—जिसमें हरी मिर्च, पेट को राहत देने वाला अदरक और पोषण से भरपूर कढ़ी पत्ता चटकता था। फिर उस पानी में भीगे, फर्मेंटेड चावल में ताजा दही मिलाकर एक कटोरी हमारे हाथ में थमा दी जाती। नानी हमेशा कहती थीं, “यह शरीर को ठंडा रखेगा और दिनभर तरोताजा बनाए रखेगा।”
उस उम्र में मुझे यह बात कभी समझ नहीं आई। सच कहूं तो मन में यही ख्याल आता था कि शायद ताजा नाश्ता न जुटा पाने की मजबूरी या तंगहाली को छिपाने के लिए नानी इस बासी चावल को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रही हैं।
लेकिन वक्त बदला और समझ भी। कुछ समय पहले जब मैंने देखा कि पश्चिमी देश इसी साधारण फर्मेंटेड चावल को “राइस प्रोबायोटिक ड्रिंक” का फैंसी लेबल लगाकर 9 डॉलर प्रति लीटर तक बेच रहे हैं, तो पुरानी यादें नए चश्मे से साफ दिखने लगीं।
एक देश, कई नाम और वही देसी बुद्धिमत्ता
चावल प्रधान राज्यों में यह कोई नया नुस्खा नहीं है:
  • तमिलनाडु: पझया सोरु (Pazhaya Sadam)
  • पश्चिम बंगाल: पांता भात
  • ओडिशा: पखाल भात
  • असम: पोइता भात
  • बिहार: गील पोइता
दुनिया भर की संस्कृतियों ने कुदरती फर्मेंटेशन की इस ताकत को पहचाना है—चाहे वह कोरिया का ‘किमची’ हो, जर्मनी का ‘साउरक्राउट’, यहूदी परंपरा का ‘कोशर डिल पिकल्स’ या दक्षिण-पश्चिम चीन का ‘पाओ चाई’। हमारे पुरखे आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी की शब्दावली नहीं जानते थे, लेकिन वे आंतों के लिए जरूरी गुड बैक्टीरिया (Probiotics) के महत्व को बखूबी समझते थे।

फर्मेंटेड चावल के वैज्ञानिक लाभ

ऑक्सीजन की कमी, सही तापमान और नमी के बीच जब चावल रातभर फर्मेंट होता है, तो उसके भीतर का बायोकेमिस्ट्री पूरी तरह बदल जाता है। पोषण विशेषज्ञों और शोध अध्ययनों के अनुसार इसके कई प्रमुख फायदे हैं:
  • कुदरती कूलेंट और पाचन सुधार: यह आंतों के माइक्रोबायोम को मजबूत कर पेट की गर्मी और एसिडिटी को शांत करता है।
  • विटामिन बी-12 का भंडार: शाकाहारी खानपान में विटामिन बी-12 की कमी आम है, लेकिन फर्मेंटेशन की प्रक्रिया चावल में बी-12 और आयरन की मात्रा कई गुना बढ़ा देती है।
  • कब्ज और सुस्ती से राहत: फाइबर और प्रोबायोटिक्स का यह मेल पाचन को दुरुस्त रखता है और शरीर को हल्का व ऊर्जावान बनाए रखता है।
  • इम्युनिटी और त्वचा की सेहत: गट हेल्थ सीधे आपकी प्रतिरोधक क्षमता, ब्लड प्रेशर के संतुलन और त्वचा की चमक से जुड़ी होती है। यह आंतों की परत को स्वस्थ रखकर अल्सर और संक्रमण से बचाव करता है।
सूक्ष्मजीवों (माइक्रोब्स) के स्तर पर हम वही बनते हैं जो हम खाते हैं। हमारी त्वचा, मुंह और आंतों में खरबों बैक्टीरिया का एक जटिल इकोसिस्टम सांस ले रहा है। इसे स्वस्थ रखने के लिए विविधता और प्राकृतिक फर्मेंटेड फूड्स सबसे असरदार ईंधन हैं।
सवाल यह है कि जब विकसित देश हमारी प्राचीन परंपराओं को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करके प्रीमियम वेलनेस प्रोडक्ट बना रहे हैं, तो हम अपनी ही जड़ों पर गर्व करने से क्यों कतराते हैं? जिस भोजन को हमने कभी ‘बासी’ या ‘गरीबी की मजबूरी’ समझकर छोड़ दिया था, वही आज की दुनिया का सबसे किफायती और शक्तिशाली सुपरफूड है।
अपनी थाली को नए सिरे से देखिए—स्वास्थ्य के लिए भी और नए जमाने के सस्टेनेबल बिजनेस आइडियाज के लिए भी।
एन. रघुरामन, मैनेजमेंट गुरु

 

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