अदालत उवाच विचाराधीन कैदियों की रिहाई: जेल सुधार की दिशा में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का एक निर्णायक कदम ! हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने देश की 1382 जेलों में अमानवीय स्थितियों को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 479 को सभी राज्यों में प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता [...]
न्यायिक व्यवस्था के दुरुपयोग को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा : अदालत कई मामले न्याय के लिए नहीं बल्कि विलंब और दबाव बनाने के लिए दायर किए जाते हैं : सुप्रीम कोर्ट निरर्थक और परेशान करने वाले मामले दर्ज करने पर दंड भी लगाया जा सकता है : सुप्रीम की टिप्पणी | नई दिल्ली […]
जेलों में कैदियों की भरमार, न्याय प्रणाली की विडंबना ! देश की जेलों में कैदियों की क्षमता से अधिक संख्या का मुद्दा हमेशा से ज्वलंत रहा है। सामान्य तौर पर इसका अर्थ यह लिया जाता है कि अपराधों की संख्या बढ़ने के कारण ऐसा हो रहा है। लेकिन, यह वस्तुस्थिति नहीं है। कैदियों की भरमार […]
‘शिकायतकर्ता की गवाही में विरोधाभास’ : सजा और आजीवन कारावास को चुनौती देने वाली याचिका में साँईं जी के वकील ने गुजरात उच्च न्यायालय को बताया… 2019 की बलात्कार की सजा और आजीवन कारावास को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर बहस करते हुए, साँईं जी की वकील ने मंगलवार (17 मार्च) को गुजरात उच्च […]