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2019 का पहला संदेश…

       नारायण साँई के दिल की बात…

तारीखों से तकदीर तो नहीं बदलती, लेकिन नया जोश, नया उमंग, नया उत्साह, नया जज्बा नई तहरीर रचने की राह जरूर प्रशस्त करता है ।

दिनांक 1-1-2019, मंगलवार, पौष कृष्ण पक्ष एकादशी, संवत् 2075, को नया साल मानें या फिर वर्षारंभ-नया साल चैत्र प्रतिपदा विक्रम संवत् मानें, या कोई और… मैं इस विवाद में, प्रपंच में नहीं पड़ना चाहता लेकिन हर पल, हर क्षण नित नया होता है ओजस्वी अध्यात्म के उन मानवों के लिए कि जो सदैव प्रसन्न रहने का स्वभाव कभी छोड़ते नहीं । दिव्य जीवन के प्रयास जारी रखते हैं । सदैव !

मैं उम्मीद करता हूँ, 2019 का वर्ष, आज की पहले महीने की पहली तारीख, उगनेवाले सूरज की पहली किरणें आप सभी के तन-मन-जीवन में नई ऊर्जा का संचार करें । नई चेतना का संचरण करें । नए जोश का सूत्रपात करें ।

राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियाँ हैं :-

“जब प्राप्त तुम्हें सब तत्त्व यहाँ,

फिर जा सकता है सत्व कहाँ ।

तुम स्वत्व-सुधा रसपान करो,

उठ के अमरत्व विधान करो ।।

नर हो न निराश करो मन को,

कुछ काम करो… कुछ काम करो…”

मैं उम्मीद करता हूँ कि कुछ नहीं, बहुत कुछ हम ऐसा काम कर लेंगे जिंदगी में, जिससे हमारी जिंदगी सहज, सरल, सुगम रूप से चलती रहेगी और हमारे कार्य विश्वमानव के लिए हितकारी बनेंगे, हमारे प्रयास ऐसे सार्थक होंगे कि हम समाज के, देश के व दुनिया के मसलों को हल कर पाएंगे ! वैसा सामर्थ हमें जुटाना होगा ।

वर्ष 2019 में, आइये – हम सभी लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदार और जवाबदेह नागरिक बनने का दृढ़ संकल्प लें ।

लोकसभा-विधानसभा के चुनावों का,

वर्ष है 2019. . .

हमें परखना होगा, अच्छे उम्मीदवारों को चुनना होगा ।

हमें सियासत को सुधारना होगा, भारतदेश को सँवारना होगा ।।

मेरे प्यारे देशवासियों ! मित्रों ! मेरे साथियों !

मैं चाहता हूँ कि मेरे भारतदेश का प्रत्येक नागरिक चाहे वो भारत के किसी भी राज्य में रहता हो, किसी भी जाति का हो, किसी भी धर्म का हो, कोई भी भाषी हो, वह जागृत हो… सियासत का हर पहलू समझे, मुद्दों पर दलों का नजरिया क्या है यह भी जाने और किरदारों को समझे । अपने वोट का महत्व समझे हर नागरिक और किसे वोट देना है उसका फैसला बिना दबाव के ले… तभी ज्यादा मजबूत होगा हमारा लोकतंत्र, हमारा भारत ।

ओजस्वी अभिनव विश्वगुरु भारत के नवनिर्माण के लिए पूरे होश के साथ पूरा जोश लगाकर हमें जुट जाना है । भविष्य का भारत निर्माण, हमारी उम्मीदों के अनुरूप होना चाहिये ।

हमारी उम्मीदों पर खरा उतरनेवाले को ही नेतृत्व हमें सौंपना होगा । चुनौतियों और नए अवसरों के लिए हमें स्वयं को पूर्णरूप से तैयार करना होगा ।

भारत के किसी भी कोने में, किसी भी हिस्से में गरीबी, भूखमरी, बीमारी, लाचारी रहने न पाये । असमानता का व्यवहार बंद हो । देशवासियों की परेशानियाँ कम हो । बेरोजगारी का अंत हो । ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के स्तर को घटाने के तेजी से प्रयास हों । घटिया स्तर की राजनीति बंद हो । फेक न्यूज़ पर नियंत्रण लगे । भारत में सुविधाओं को अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुँचाया जाए और अधिक से अधिक युवाओं को पर्याप्त अवसर दिये जाएं । इस सोच, मिशन के साथ हम आगे बढ़ें । भारत का भविष्य तय करें । सोच-समझकर वोट दें । मतदान करें ।

उम्मीद, वह सपना है जो हमें हमेशा जगाये रखता है । हमें अपने जीवन को श्रेष्ठतम बनाने की उम्मीदें बनाये रखनी है और उसके लिए प्रयास जारी रखने हैं । आनेवाले समय में हम कुछ नया करें, कुछ बेहतर करें, अनूठा करें, कुछ ऐसा अलग करें कि वास्तव में दुनिया हमारे सामने देखने को बाध्य हो जाए, कुछ ऐसी अच्छी चीजें हम अपनाते जाए, आजमाते जाए, चाहे छोटी-छोटी चीजें क्यों न हो, हम अपने जीवन में उसे अंगीकार करते जाएं ! जैसे कि, व्यर्थ पानी का बिगाड़ नहीं करेंगे । बिजली का फालतू व्यय नहीं करेंगे । समय को बचायेंगे । व्यर्थ की बातों में समय नष्ट नहीं करेंगे । पेड़-पौधों से प्यार बढ़ाएंगे । प्रदूषण कम करने पर ध्यान देंगे !… ऐसी छोटी-छोटी बातें अपने जीवन में हम धारण करें, देखते ही देखते बहुत बड़ा बदलाव हम समाज में, राष्ट्र में देखेंगे । शुरूआत स्वयं से करनी होगी । स्वच्छ तन, स्वच्छ मन और स्वच्छ जीवन । स्वस्थ समाज, विकसित देश । उम्मीद की सुनहरी सुबह हो चुकी है, हमें आलस्य और प्रमाद को छोड़कर अब उठना होगा । ओजस्वी जीवन के लिए सूर्य की सुनहरी किरणों में स्नान करना होगा । ताजगी, स्फूर्ति, बल, चेतना और उत्साह को बढ़ाते हुए स्वयं में अनोखे बदलावों से नववर्ष को हर्षमय बनाना होगा । आशावादी बनकर सकारात्मकता को संजोए हुए आगे बढ़ना होगा । विश्व क्षितिज में हमारी उपस्थिति, हमारी कामयाबी, हमारी उन्नति दर्ज होगी । हमारे अनमोल जीवन की कद्र होगी । आइये, कुछ ऐसे प्रयास करें । कुछ ऐसे उपाय करें ।

यश शर्मा की लिखी कविता है :-

दिल में उमंग और आँखों में

सपने लिए सामने खड़ा है

नये साल का नया सवेरा

एक बार फिर से निकला है !

 

सूरज की पहली किरण से

आसमां जगमगा उठा है

हसरतों को पूरा करने का

मौका फिर से मिला है !

 

ख्वाहिशों को पंख लगाये

आसमां हाथ फैलाए खड़ा है

चहकते पक्षियों को उड़ने का

हौंसला फिर से मिला है !

 

टूटे दिलों के रिश्तो को

अपनेपन से जोड़ा है

अपनों संग चलने का मौका

फिर से मिला है !

 

वसंत साथ चलने के लिए

दहलीज पर खड़ा है

हर दिल में प्यार जगाने का

मौका फिर से मिला है !

 

दूर रहे इंसान से बुराईयाँ

ऐसा हर पखवाड़ा हो

नववर्ष मंगलमय हो कहने का

मौका फिर से मिला है !

 

क्या आप केरल की लक्ष्मी कुट्टी को जानते हैं ? ये केरल की आदिवासी महिला है और खास बात कि उन्होंने सर्पदंश और कीटों के डंक मामले में हजारों लोगों की मदद की है । करीब 500 हर्बल औषधियाँ तैयार कीं । वे आज भी जंगली आदिवासी बस्ती में कच्ची झोंपड़ी में रहती है । वर्ष 2018 में इन्हें पद्म श्री से नवाजा गया ।

वकील से जज तक का सफर तय करनेवाली इंदु मल्होत्रा हो या लोकगीतों की रानी लोकगायिका शारदा सिन्हा, फेमिना मिस इंडिया 2018 की विजेता, तमिलनाडु की अनुकृति वास हों या पेप्सिको की पूर्व सीईओ व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की पहली महिला स्वतंत्र निदेशक इंदिरा नूई हो, शब्दों की सारथी लेखिका चित्रा मुद्गल हो या जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल हो कि जिन्हें लगातार आठवें साल फोबर्स की ताकतवर महिलाओं में स्थान मिला है, हिमाचल प्रदेश के मनाली की आंचल ठाकुर हो कि जिससे अंतराष्ट्रीय स्तर की स्कीइंग कॉम्पिटिशन में पदक जीता है, या अंतराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख बनाई गई अर्थशास्त्री भारतीय मूल की गीता गोपीनाथ हो, कुशल प्रशासक नीलम कपूर हो या 27 साल की एच सी एल की सीईओ रोशनी नादर हो जो कॉरपोरेट जगत में छोटी उम्र की ताकतवर नारी है, मैरी कॉम, अवनि चतुर्वेदी, हीमा दास… कितने-कितने नाम लिखे जाएं – ये विश्व की तेजस्विनियाँ है, देवियाँ है, जो शक्ति का परचम लहरा रही हैं । जिन्हें देखकर ‘नारी तू नारायणी’ सूत्र सार्थक नजर आता है । ये विश्व की वह नारियाँ है कि जिन्होंने सीमाओं से परे का सफर तय किया है, कर रही है, जिन्हें जीत की आदत लग चुकी है और उन्नति की पराकाष्ठा पर पहुँचने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, जो गुजरते लम्हों पर अपना नाम लिख रही हैं, जिनका हौंसला बुलंद है और लड़की के रूप में जन्म लेने को जिन्होंने गौरवान्वित किया है, जिन्हें देखकर आज की बच्चियाँ, युवतियाँ और नारियाँ अपने नारी होने का गौरव और प्रेरणा ले सकती हैं ।

बहुत कुछ नया होनेवाला है इस 2019 के साल में…

सिलवासा में दमण गंगा नदी पर 56 करोड़ के खर्च से 2.3 किलोमीटर का रिवर फ्रंट तैयार हो गया है और सिलवासा के सायली में 51 करोड़ के खर्च से इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम जो 3 मंजिला पेवेलियन वाला है । 12500 से 18500 लोगों के बैठने की क्षमता वाला है, इसी जनवरी को लोकार्पण होने जा रहे है । जनता जनार्दन के लिए मनोरंजन व खुली हवा में घूमने-टहलने, आनंद प्रमोद में अभिवृद्धि करने के लिए ये दोनों प्रोजेक्ट आनेवाले समय में उपयोगी होंगे । प्रजा की सुखाकारी का ख्याल रखनेवाली सरकारों को जनता पसंद करती है ।

भारत में पहली बार जनवरी, 2019 से वडोदरा में कुलियों ने गले में रेट कार्ड लगाकर काम करना शुरू किया है ताकि अधिक रेट लेने के विवाद व शिकायतें कम की जा सकें । इस वर्ष से गुजरात के भरूच में काशी की तरह, भरूच का भी स्थापना दिवस मनाने की तैयारियाँ शुरू की गई है । भरूच की गणना पौराणिक शहर के रूप में होती है । भृगु ऋषि ने वसंत पंचमी पर नर्मदा किनारे भृगु कच्छ को बसाया था । 500 वर्ष से भी पुराना यह शहर भरूच, जहाँ भृगु ऋषि का आश्रम था और प्राचीनकाल में यह शहर जलमार्ग से दुनिया के अधिकांश देशों से भी जुड़ा हुआ था । बड़े-बड़े जहाज भरूच के बंदरगाह पर आते थे । मिर्च-मसाला, नारियल समेत अन्य कई चीजों का यहाँ से व्यापार होता था । भृगु ऋषि ने नर्मदा तट पर कछुए की पीठ पर नंदन संवत्सर पंचमी के दिन इसे बसाया था, इस संदर्भ में और भी कई दंत कथाएं मौजूद हैं । वर्ष 2019 से हर वर्ष भरूच स्थापना दिवस वसंत पंचमी (10 फरवरी) को मनाने की शुरुआत हो रही है यह जानकर मुझे प्रसन्नता हुई है इससे लोगों को इस शहर के इतिहास के बारे में भी पता चलेगा । 10 फरवरी 2019 को भरूच की पौराणिक विरासत को बचाने के लिए हेरिटेज वॉक होगा और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे ।

सूरत के नजदीक वलसाड में नगरपालिका ने मध्यम व गरीब वर्ग के छात्रों के लिए 3 करोड़ के खर्च से डीएमडीजी वासवाला म्युनिसिपल हाई स्कूल बनाया है । जहाँ कई सुविधाएं बच्चों को मिलेगी । दो साल में जीर्णोद्धार किया गया यह विद्यालय प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे ऐसी मैं उम्मीद करता हूँ । 2019 में अहमदाबाद में मेट्रो ट्रेन में सफर की शुरुआत होगी । वस्त्राल से ऐपरेल पार्क तक ट्रायल रन जल्दी शुरू होगा और दुनिया का सबसे बड़ा मोटेरा स्टेडियम, हमारे संत आसाराम जी आश्रम के पास 2019 के अंत तक बनकर तैयार हो जायेगा । रिवरफ्रंट – 2, एसजी हाइवे पर सिक्स लेन फ्लाई ओवर ब्रिज बुलेट ट्रेन जैसे कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों में तेजी आयेगी तथा अहमदाबाद में 1200 बेड की क्षमता वाली नई सिविल अस्पताल का भी 2019 जनवरी में लोकार्पण होगा गिरनार की तरह पावागढ़ में भी 5 जनवरी से परिक्रमा शुरू होगी । अगर सफल रही तो हर साल यह आयोजन होगा ।

1 जनवरी 2019 से ये भी बदलाव जान लें –

  1. मैग्नेटिक स्ट्रिप कार्ड बंद होंगे । क्रेडिट/डेबिट कार्ड काम नहीं करेंगे, ईएमवी चिप वाले ही कार्ड चलेंगे । यह नया कार्ड साइबर फ्रॉड से बचने के लिए शुरू हुआ है ।
  2. एक्सीडेंटल कवर एक लाख से बढ़ाकर 15 लाख रु. कर दिया है । दुर्घटना होने पर परिवार को मिलनेवाला कंपलसरी पर्सनल एक्सीडेंटल कवर अप 15 लाख तक मिलेगा ।
  3. भारत के तमाम बैंक आज 1 जनवरी 2019 के बाद, नॉन सीटीएस चैक नहीं लेंगे । सीटीएस (चैक ट्रंकेशन सिस्टम) चैक ही चलेंगे और क्लीयरिंग 24 घंटे में व लेनदेन सुरक्षित होगा । इस चैक को स्कैन करके फर्जी चेक बनाना मुश्किल है ।
  4. नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) से 60% राशि निकालने पर टैक्स नहीं लगेगा । 40% रकम योजना में जमा रखना जरूरी है ।

2019 का वर्ष राजनीतिक और आर्थिक मायने में बहुत खास है । मई में मौजूदा केंद्र सरकार का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है । लिहाजा मार्च में आम चुनाव की घोषणा तय है । इस लोकसभा चुनाव में 90 करोड़ से ज्यादा वोटर हो जाएंगे । इनमें 47 करोड़ ऐसे मतदाता होंगे जिनकी उम्र 35 साल से कम होगी । अब, युवा वोटर भारत के भाग्य विधाता बनने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे । युवा, नेतृत्व तय करने में भारत में दुनिया का सबसे सस्ता चुनाव होता है । इस आम चुनाव में 7,700 करोड़ खर्च होने का अंदाज है यानी एक वोट पर 77 रुपये ।

जिस रफ्तार से हमारा भारत तरक्की कर रहा है अगर यही स्पीड रही तो इस 2019 के अंत तक हम ब्रिटेन को पीछे छोड़कर दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जायेंगे ।

मैं उम्मीद करता हूँ कि हम सब की कोशिशों से, हमारी मेहनत से हम आनेवाले समय में असीमित खुशियाँ हांसिल करने में कामयाब हो जायेंगे और खुद को भी सीमाओं से परे ले जाने में सफल होंगे ।

डॉ. बी. सच्चिदानंद की कविता कितनी मस्त है :-

नववर्ष करे खुशहाल, हो मालामाल

समृद्धि सुख-चैन मिले ऐसे दिन-रैन मिले

शिखर छूने का हो संकल्प, भाग्य का होगा कायाकल्प

मिटे जंजाल, सजे चौपाल,

हर रंग के फूल खिलें, रहे न मन में कोई दुराव

मिटाकर ऊँच-नीच का भाव…

स्नेह की अद्भुत बने मिसाल,

मुबारक हो आपको नया साल…

Welcome 2019…

स्वागतम् नववर्ष, नव हर्ष के साथ…

ये खास इसलिए भी है क्योंकि 14 जनवरी, 2019 से प्रयागराज में अर्ध कुंभ मेला शुरू हो रहा है जो 4 मार्च तक चलेगा । 15 करोड़ से अधिक लोग इस कुंभ में पहुंचने की उम्मीद है । प्रयागराज – गंगा, यमुना, सरस्वती इन तीन नदियों का संगम स्थल है । ढाई हजार करोड़ रुपए सरकार ने इस कुंभ मेले में खर्च किए हैं । उत्तर प्रदेश सरकार ने मेले में सैकड़ों काउंटरों पर स्पेशल डेबिट कार्ड बनाने की व्यवस्था की है । जिससे नकदी जेब में रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी जब वापस जाएंगे तो डेबिट कार्ड में बचे पैसों को वापस भी ले सकेंगे । कुंभ स्नान की प्रमुख तिथियाँ हैं – 15 जनवरी – मकर संक्रांति, 21 जनवरी – पौष पूर्णिमा, 4 फरवरी – मौनी अमावस्या, 10 फरवरी – बसंत पंचमी, 19 फरवरी – माघी पूर्णिमा, 4 मार्च – महाशिवरात्रि ।

कुंभ मेला पूरे विश्व में सबसे बड़ा धार्मिक – आध्यात्मिक मेला है और विश्व के कई देशों के लोग इसे देखने के लिए खास आते हैं । शास्त्रों में भी इस कुंभ की बहुत महिमा है ।

अब 2019 की लंबी छुट्टियों पर एक नजर, यह विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए नोट करके रखने योग्य हैं – (छुट्टी लें लें)… 2019, जनवरी में लंबी छुट्टियाँ – 12, 13, 14 जनवरी, 26 – 27 जनवरी, फरवरी में 2, 3, 4 और (छुट्टी लें लें)…23 24, मार्च में – 2 3 4 और (छुट्टी लें) 22 23, 24, अप्रैल में – 19, 20, 21 , अगस्त में – 10, 11, 12, 31 अगस्त, 1,2 सितंबर, अक्टूबर – 5,6,7 (छुट्टी लें लें) 8 अक्टूबर ,नवंबर में 9, 10, 11 (छुट्टी लें)12 नवंबर ।

2019 में 100 फिल्में ऐसी आयेंगी जिनका बजट 100 करोड़ से ऊपर होगा – जिनमें खास है मणिकर्णिका ( रिलीज 25 जनवरी), कलंक (19 अप्रैल), साहो (रिलीज 15 अगस्त), पानीपत (6 दिसंबर), भारत (6 दिसंबर) और खास बात यह भी है कि बाहुबली बनाने वाले एस. एस राजामौली महाभारत बनाने जा रहे हैं जिसका बजट 1000 करोड़ रखा गया है – यह 2019 में बनना शुरू होगी और चार पांच साल इसे बनकर पूरा होने में लग सकते हैं । इसमें कई बड़े-बड़े कलाकार अभिनय करेंगे ।

ऑनलाइन फिल्म बिजनेस बड़े परदे से 40,000 करोड रुपए ज्यादा का हो चुका है । 2019 में मोबाइल फोन पर वीडियो देखने वालों की संख्या 31 करोड़ तक हो सकती है । 40.7 करोड़ लोग भारत में इंटरनेट यूजर बन सकते हैं । और वीडियो आडियंस 31 करोड़ का होगा ।

भारत की सभी हाई कोर्ट में कोर्टों के फैसलों की कॉपी अब हिंदी में भी मिलेगी । सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी हाई कोर्टों को निर्देश दे दिए हैं । सुप्रीम कोर्ट में कुछ मामलों का लाइव प्रसारण भी होगा जिसे भारत में लोग कहीं से भी देख सकेंगे । दूसरी भाषाओं में भी कोर्ट के फैसलों की कॉपी मिलना जल्द शुरू होने की संभावना है ।

भारत में 2019 में एक करोड़ से अधिक विदेशी लोग आएंगे । और सितंबर में भारत को वर्ल्ड टूरिज्म डे की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा । विदेशी पर्यटकों ने 2018 में 1.77 लाख करोड़ खर्च किए थे इसमें इस वर्ष 30% बढ़ोतरी की उम्मीद है ।

अगर भारत का प्रस्ताव यूएन ने माना तो वह कृषि क्षेत्र में इस साल बाजरे को समर्पित कर सकता है क्योंकि उपज में बेहद कम पानी का इस्तेमाल और इसमें जरूरी पोषक तत्वों की प्रचुर मात्रा है ।

2019 का यह नया साल भारत व नेपाल के लिए एक अच्छी सौगात लेकर आया है । लोग जहां पहले नैरोगेज रेल से 3 घंटे में जयनगर से जनकपुर पहुंचते थे वह अब केवल 30 मिनट में पहुंचेंगे । 800 करोड़ रुपए में पूरा हुआ यह प्रोजेक्ट । हरी झंडी मिलते ही जयनगर व वर्दीवाल के बीच में 9 स्टेशन व 5 हॉल्ट के साथ ट्रेनों के दौड़ने के लिए बिल्कुल तैयार है ।

वहीं बौद्ध लोगों के लिए भी खुश खबर है कि – राजगीर के गृद्धपर्वत के आसपास तेजी से डेवलपमेंट हो रहा है । गृद्धपर्वत भगवान बुद्ध का पसंदीदा स्थल रहा है । शांति की खोज में निकले बुध के प्रिय स्थल राजगीर के गृद्धपर्वत पर उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपदेश दिए थे । बोध गया और राजगीर आने वाले बौद्ध भिक्षु साल में पहले दिन इसी शिखर पर ध्यान लगाने की इच्छा रखते हैं । उनका मानना है की इस शिखर पर ध्यान लगाने से असीम ऊर्जा प्राप्त होती है ।

जापान और चीन, इस 2019 के वर्ष में बाजार में उड़ने वाली कार को लाने के लिए प्रयासरत हैं । जापान में इसी साल प्रोटोटाइप की फाइनल टेस्टिंग की जाएगी और टेस्टिंग अगर सफल रही तो कार इसी 2019 के वर्ष में बाजार में दस्तक देगी । चीन की कंपनी टेराफूगिया ने कहा है कि वह 2019 में अपनी फ्लाइंग कार लॉन्च कर देगी । तो, उड़ने वाली कार का नजारा देखने, उसमें बैठे लोगों की अनुभूति सुनने या फिर आप स्वयं उसमें बैठने को तैयारी कर सकते हैं ।

स्पेन और आबू धाबी में हाइपर लूप लगभग बनकर तैयार है इसमें 105 मीटर लंबा और 5000 किलो वज़नी कैप्सूल एक बार में 40 यात्री ले जाने की क्षमता रखता है । मैं, आशा करता हूँ कि भारत में भी अगर संभव हो तो टेस्ला की कार जो टनल में 225 किलोमीटर रफ्तार से दौड़ सकती है, भारत में अत्यंत घनी आबादी वाले शहरों में इसे शुरू करने के बारे में केंद्र सरकार विचार करें । एलोन मस्क की कंपनी टेस्ला से इस बारे में भारत सरकार चर्चाओं का दौर शुरू करें । प्रदूषण कम करने के हर प्रयास तेजी से हमें प्रारंभ करने चाहिए ।

चीन में अलीबाबा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ‘सीटी ब्रेन’ पर काम कर रही है । इसके लिए चीन की सड़कों पर हजारों कैमरा लगाए गए हैं । इनसे ट्रेफिक लाइट से लेकर एक्सीडेंट तक के डाटा इकट्ठा किए जा रहे हैं । इसके आधार पर ट्रैफिक में सुधार किया जा रहा है । पायलट प्रोजेक्ट में ऑटोमेटेड सिग्नल से गाड़ियों की औसत स्पीड 15% बढ़ गई है । ट्रैवल टाइम में भी औसतन 3 मिनट कम हो गए हैं । इमरजेंसी एंबुलेंस के पहुंचने का समय भी पचास परसेंट घट गया है । यह व्यवस्था चीन में इस साल स्थाई हो जाएगी । क्यों नहीं भारत में भी हम ऐसी व्यवस्थाओं को शुरू करने के बारे में प्रयास करें ?

कैंसर के इलाज के लिए एक अच्छी खबर आई है कि भारत में 500 करोड रुपए की प्रोटॉन थेरेपी मशीन इस साल चेन्नई के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में लगेगी । इस मशीन से कैंसर सेल खत्म करने के लिए टारगेटेड थेरेपी दी जाएगी इससे सेल्स को नुकसान नहीं होगा ।

BAPS- स्वामीनारायण संस्थान के श्री महंत स्वामी जो कि अक्षरधाम के प्रणेता श्री प्रमुख स्वामी जी के पुरोगायी हैं – 14 जनवरी से 29 जनवरी तक सूरत में ही रहेंगे और अडाजन (सूरत) के स्वामीनारायण मंदिर में उपस्थित रहेंगे । 14 जनवरी से प्रतिदिन शाम को 5 से 8 बजे तक हर दिन अलग-अलग कार्यक्रम होंगे । वचनामृत के द्वीशताब्दी महोत्सव (2019 में 200 साल पूर्ण हो रहे हैं ) में 15 से 29 जनवरी तक सुबह 5:15 से 7:15 बजे तक मंदिर में स्थित सभागृह में प्रातः पूजन – दर्शन होगा – (17,21,22 छोड़कर) । मेरे जन्म दिवस 29 जनवरी पर दान दिवस मनाने की शुरुआत, महंत स्वामी की इसी शहर में उपस्थिति और स्वामीनारायण भगवान के वचनामृत की 200 वी – द्वीशताब्दी…कितना सुभग संयोग है !

गुजरात में पहली बार, 20,000 से अधिक लोगों से वैदिक यज्ञ में आहुतियां अर्पण करके विश्वशांति की कामना करेंगे । 6 जनवरी 2019, रविवार को सुबह 9 से 12 बजे तक 5100 कुंडीय महायज्ञ होगा – सूरत के (वेसू में, वीआईपी रोड पर मणिबा पार्टी फ्लोर) वातावरण में वैदिक मंत्रों का उद्घोष होगा – यह कार्यक्रम महर्षि सदाफल देव विहंगम योग संस्थान और अखिल भारतीय विहंगम योग संत समाज गुजरात द्वारा स्वतंत्रदेव जी महाराज और सर्ववेद कथा प्रवर्तक संत विज्ञानदेव जी महाराज के सानिध्य में हो रहा है । कार्यक्रम के संयोजक रामवृक्ष दास ने कहा – कि त्रेता युग में महाराज दशरथ, द्वापर में भगवान कृष्ण ने प्रयाग की पावन भूमि पर दशाश्वमेध यज्ञ किया था और आज हम 5100 कुंडीय विश्वशांति यज्ञ कार्य करने जा रहे हैं जिससे ओजोन वायु का सर्जन होगा – हवन का धुँआ ओजोन के स्तर में घुलेगा और इससे पृथ्वी के प्रत्येक जीवों को सुरक्षा कवच प्राप्त होगा । यह घटनाक्रम वैज्ञानिक परीक्षण में भी खरा (सत्य)साबित हुआ है । 30,000 से अधिक श्रद्धालु – भंडारा, कथामृत – हवन आदि का लाभ लेंगे ।

अब मैं, सूरत के वरियाव कॉलेज में पढ़ रही फाल्गुनी गोस्वामी को बधाई देता हूँ जो आज प्रतिदिन 2 घंटे नियमित रूप से योगाभ्यास करती है ।पिछले दिनों उज्जैन में नेशनल योग चैम्पियनशीप में 29 राज्यों के खिलाडीयों को पछाड़कर सिल्वर मेडल प्राप्त किया था | आनेवाले दिनों में नेपाल में इन्टरनेशनल योगा कॉम्पीटिशन में फाल्गुनी गोस्वामी भारत का प्रतिनिधित्व करेगी | जहांगीरपुरा, सुरत के अंजनी एनक्लेव में परिवार के साथ रहनेवाली इस तेजस्वीनी बालिका ने तीसरी कक्षा से ही योग-ध्यान का अभ्यास शुरू कर दिया था | मैं चाहता हूँ कि विश्व में श्रेष्ठ योग की खिलाड़ी बने, योगिनी बने, आनेवाले समय में वैश्विक स्तर पर ये नई ऊँचाइयाँ, बुलंदीयों प्राप्त करेगी मैं ऐसी उम्मीद करता हूँ |

तो, यह नया साल 2019… सच में नया होगा- यदि इस साल हम एक दूसरे से अधिक से अधिक संवाद करने का संकल्प करेंगे तो ! क्योंकि आपसी संवाद लोकतंत्र की आधारभूत शर्त है | संवाद करो और विश्वास करो– यह नए साल का हमारा नारा होना चाहिये | हमारे देश जैसी विभिन्नता वाले समाज में तो संवाद और विश्वास प्राणवायु है | जितना विश्वास करेंगे उतना नजदीक आएंगे, जितनी बातचीत करेंगे उतनी शंकाऐं कटेंगी । शक वह जहरीला सांप है जिसके काटे का कोई इलाज नहीं है | यह सांप अ-संवाद की बांबी में रहता है और अविश्वास की खुराक पर पलता है । इसलिए हम जिनसे सहमत नहीं हैं उन तक भी विश्वास के पुल से पहुँचेंगे और वहाँ संवाद की छोटी-बड़ी गलियाँ बनायेंगे । बंधनों के बीच रहकर आपसे सामवाद करता हूँ – करता रहूँगा । आपका प्रेम-विश्वास – भरोसा जीतने में आज नहीं तो कल – मैं अवश्य सफल बनूंगा । बेबुनियाद झूठे मनगढंत आरोपों से एक दिन अवश्य मुक्त बनूंगा | जो मुझसे सहमत नहीं है एक दिन वे भी मुझसे सहमत होंगे, मैं उस विश्वास से आगे बढ़ रहा हूँ । जैसे मैं तुम्हें लिख रहा हूँ – 1932 में गांधीजी ने किसी को लिखा था – “देखता हूँ कि तुम नए साल में क्या निश्चय करते हो ! जिससे न बोले हो उससे बोलो; जिससे न मिले हो उससे मिलो; जिसके घर न गये हो उसके घर जाओ और यह सब इसलिए करो कि दुनिया लेनदार है और हम देनदार हैं ।”

 

गांधी शांति प्रतिष्ठान, दिल्ली के अध्यक्ष और जेपी आंदोलन के समय से सामाजिक गतिविधियों में संलग्न एक विद्वान लेखक कुमार प्रशांत ने लिखा है- कैलेन्डर बदलने के साथ जिनका नया साल आता है उनको नया साल मुबारक हो ! लेकिन कपड़े बदलने से आदमी कब, कहाँ नया हुआ है ? आप देखें, कि प्रकृति भी उसके समस्त वन- वृक्ष-पौधे भी जब तक नए उल्लास से नए पल्लव अपने भीतर कहीं गहरे उतर कर पा नहीं लेते, वसंत उतरता ही नहीं है | हम भी अपने भीतर उतरें गहरे कहीं, और खोजें कि क्या है वह सब, जो हमें नया सोचने, करने और बनने से रोकता है ? क्यों बाहरी हर सजावट हमें भीतर से रसहीन और हतवीर्य छोड़ जाती है ? क्यों अच्छे दिन की चाह हमें बुरे मंजर की तरफ धकेलती है ?

नए साल की दहलीज पार कर अंदर तो हम आ गए हैं….. अब चिन्तन करें, सोचें, जरा भीतर उतरें… !”

विश्व में 350 मिलीयन लोग डिप्रेशन से पीड़ित हैं । 33% लोगों को भूल जाने की बीमारी है, 88% मुडखराब, 44% मानसिक अस्वस्थता का अनुभव करते हैं । 56% लोग डिप्रेशन का इलाज ही नहीं करवाते ! ऐसी कई समस्याऐं देश- दुनिया को जकड़े हुए है । तो, स्वयं को, समाज को तनाव मुक्त करने की हमें कोशिशें करनी होगी, संवादिता बढ़ानी होगी, मनमुटाव घटाना होगा, प्रसन्नता को बढ़ाना होगा । तब मुझे विश्वास है कि हम देश – दुनिया के कई मसलों को हल कर लेंगे । हमें हल ढूँढना ही होगा । रास्ता निकालना होगा । समाधान खोजना होगा । नए साल की नई दिशा की ओर हमें आगे बढ़ना होगा…. ओजस्वी जीवन प्राप्त करना होगा ।

शुभ हो… मंगलमय हो…. 2019….

आपका अपना

नारायण साँई

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