भक्त हृदयोद्गार : अब आ जाओ साँईं प्यारे…!
अब आ जाओ साँईं प्यारे…!
एक-एक घड़ी याद है तुम्हारी,
दरस दिखाओ नुरानी नजर तुम्हारी,
साँईं तुम ही प्राण हो हमारे,
तुम ही हो रक्षणहार हमारे,
तुम बिन कैसा जीना हमारा,
कैसा है निर्लेप जीवन तुम्हारा,
तुम बिन ये काया मृत है हमारी,
तुम ही हो अंदर की श्वास हमारी,
आप नहीं तो कुछ भी नहीं,
सारा जहाँ मिल जाए तो,
हमारे लिए कुछ भी नहीं,
आप ही हो आनंद हमारा,
आप ही हो सहारा हमारा,
आप हो जीवन की राह हमारी,
जीवन की ये डोर हाथ में तुम्हारी,
साँईं अब तो आ जाओ ना,
हमें थोड़ा आनंदरस पिलाओ ना,
आँखें हमारी तरस रही हैं,
श्वास हमारी रूक रही है,
आप बिन जीना है मुश्किल,
आप ही हो आधार हमारे,
अब आ जाओ साँईं प्यारे…
अब आ जाओ साँईं प्यारे…
– शैलेश शिवाजीराव गायकवाड़