कोई ऐसी पहल कीजिये !

कोई ऐसी पहल कीजिये !

आप कोई ऐसी पहल कीजिये, जो समाज के लिए, देश के लिए हितकारी हो ! वाकई सराहनीय हो । मैं चाहता हूँ हम सबकी शक्ति और हमारा सामर्थ्य समाज के, देश के हर तबके के लोगों के हित में लगे ! जनहित ही हमारा लक्ष्य हो । कोई भी विकास की पहल जो देर-सबेर हितकारी नहीं है, उसे छोड़ देना चाहिए । विकास के पहले हित-अहित की गहराई से समीक्षा होनी चाहिए । ऐसी समीक्षा के बिना किया हुआ विकास अंततः विनाशकारी होता है ।

-पूज्य श्री नारायण साँईं जी

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