Quote – May 8, 2021
क्या तुम्हें भगवान के दर्शनों की इच्छा नहीं होती? क्या तुम्हें भगवान की हित कारक वाणी सुनने को जी नहीं करता ? अगर जी करता है तब तो सौभाग्य है, नहीं तो अपने मन को समझाओ और भगवान की ओर अपने जीवन को ठीक से लगा दो विलक्षण आनंदानुभूति होगी।
Quote – May 7, 2021
वैद्य का दिया विष भी दवा का काम करता है,लेकिन अपने आप लिया हुआ विष मार देता है, ठीक उसी प्रकार गुरु आज्ञा अनुसार की हुई साधना साधक को तार देती है,पर मनमानी साधना साधक के पतन का कारण हो सकती है।
Quote – May 6, 2021
एक बार भगवान को अपना बनाने के बाद हम कभी दु:खी रह नहीं सकते और भगवान के सिवा पूरी दुनिया को अपना बनाने से हम सुखी नहीं हो सकते। दु:ख नासमझी का फल है।
Quote – May 5, 2021
भगवान पर श्रद्धा और विश्वास रखें क्योंकि वे सर्वशक्तिमान है। उनके लिए कुछ भी असंभव नहीं था, न है, न हो सकता है। आप की जटिल से जटिल और कठिन से कठिन समस्याओं को भी पल भर में हल कर सकते हैं।
Quote – May 4, 2021
भगवान की महान अनुग्रह पर भरोसा रखिए अपने संकल्प को पवित्र करके भगवान के साथ संयुक्त होकर रहने का अभ्यास कीजिए।
Quote – May 3, 2021
भगवान की याद से,सानिध्य से,सत्संग से हम प्रभावित होकर सत्वगुणी बनकर श्रेष्ठत्त्व और महानता को प्राप्त होवे तो कितना अच्छा होगा।
Quote – May 01, 2021
कोई भी कार्य करने के लिए शक्ति की आवश्यकता है । आप साहसी बनिए । धर्म के नाते, अध्यात्म के नाते, चरित्र के नाते अपने आपको बलवान बनाइये । आज दुनिया को वीरों की जरूरत है । जो कमजोर है वह कुचल दिया जाता है ।
Quote – April 30, 2021
बीत गया सो बीत गया- जो सबंध बनाने से बनता है वह कभी टूट भी सकता है। जो सबंध पहले से हैं, बनाया नहीं गया वही सबंध कायम रहता है। वह मिटाए मिट नहीं सकता। जीव और शिव का सबंध आत्मा और परमात्मा का सबंध, गुरु और शिष्य का सबंध, भक्त और भगवान का सबंध [...]
Quote – April 29, 2021
भगवान की ओर से मिल रहे सुख का हम धन्यवाद दें उससे पहले ही वे और ज्यादा करुणा कृपा बरसा देते हैं कैसी करुणा है भगवान की ! धन्य है, धन्य है!! ऐसे जगत्पति जगदीश्वर की जय जयकार हो !!!
Quote – April 28, 2021
मुसीबतें,तकलीफें,वेदना और दुख हमें तब तक निकट और विकट लगते हैं जब तक हम भगवान के और भगवान हमारे निकट नहीं है । भगवान के और हमारे निकट आते ही उन सब का टिकना विकट हो जाता है ।
Shri Hanuman Jayanti – सकल मनोरथ पूर्ण !
सकल मनोरथ पूर्ण !! हनुमान चालीसा का पाठ आपने किया होगा – उसमें ये आता है कि और मनोरथ जो कोई लावे । सोई अमित जीवन फल पावे ।। अमित का अर्थ है असीम । एक ऐसा फल कि जिस फल की कोई सीमा ही न हो । अमर्यादित फल और वो अमर्यादित फल जीवन [...]