साँई श्री लीलाशाहजी महाराज प्राकट्य दिवस 2021 विशेष
साँई श्री लीलाशाहजी महाराज (प्राकट्य दिवस विशेष) (परम पूज्य साँई लीलाशाहजी की जीवनी ’जीवन सौरभ’ पुस्तक के कुछ अंश ) ब्रह्मज्ञानी महापुरुषों की परंपरा आज भी जीवित है, सद्गुरु स्वामी रामानंदजी महाराज की परंपरा अपने सत्शिष्य संत कबीरदासजी पंथ से लेकर पूज्य संत श्री आशारामजी बापूजी जैसे महापुरुषों तक की ये संत परंपरा आज भी [...]
जीवन में रंग भरती होली !
उल्लास और आनंद के समागम के साथ जीवन में रंग भरती होली... जीवन में इसका बड़ा महत्त्व है कि हम कैसे रंगों का समायोजन, अलगाव या जुड़ाव रखते हैं । जीवन में रंग महती भूमिका निभाते हैं । रंगों के माध्यम से ही हम प्रकृति की हरियाली से लेकर सूरज की सुनहरी रोशनी, आसमान का [...]
बुरा ना मानो होली है…
रंगोत्सव, होलिकोउत्सव की सभी को बधाईयाँ व शुभकामनाएँ... बुरा ना मानो होली है... पल पल रंग बदलती है दुनिया... और लोग पूछते हैं होली कब है? आज है...भाई आज है... “हो”...”ली”... जो हो, ली... मतलब जो बीत चुकी, गुज़र चुकी... उसकी फ़िक्र क्या करना ? क्यूँ करना ? कब तक करना ? जो बीत गयी [...]
Daily Quote – March 22, 2021
सारी निष्ठुरता त्यागकर सब श्वांसो के श्वांस में बसे अद्वेत को अंगीकार कर ऐसा दीप जलाओ अंतर मन में जो अनंत काल तक आपके विचारों और किए गए कार्यों से जगत को रोशन करता रहे। (Abandon all ruthlessness and embrace Advaita (non-duality) settled in the breaths of all the breath. Ignite such a lamp internally [...]
Daily Quote – March 21, 2021
आइये हम सभी एक-दूसरे का साथ-सहयोग पाकर खुशहाल जिंदगी व्यतीत करें। प्रेम-सहयोग के बल पर परस्पर जिंदगी को सुंदर सरस बनाने का प्रयास करें। भाषाओं की सीमाएँ लाँघकर भावनाओं से ओतप्रोत होकर जिएँ और विश्व को शाश्वत आनंदित जीवन जीने का मार्ग दिखाएँ। Let us all collaborate and lead a joyful life. Let's try to [...]
Daily Quote – March 19, 2021
संसार एक कड़वा वृक्ष है। इसके दो फल ही अमृत जैसे मीठे होते हैं। एक मधुर वाणी और दूसरा सज्जनों की संगति। (The world is a bitter tree. Its two fruits are sweet as nectar. One is a melodious voice, and the other is the presence of saints.)
Daily Quote – March 18, 2021
मजबूत मन वाले बिना शिकायत कष्ट भुगत लेते हैं। कमजोर मन वाले बिना कष्ट भुगते ही शिकायत करते रहते हैं। (Those with Strong will tolerate pain without complaints, whereas weak-minded keep complaining without any troubles.)