जीवन की आपाधापी में कहीं,
हो ना जाना मुझसे दूर ।
कहीं भूल न जाना मुझको ।
वक्त मिले तब सोच लेना मुझको ।
कुछ देर ही सही, पर याद करना मुझको ।
मेरी भली-बुरी, खट्ठी-खारी, मीठी-तीखी,
जैसी भी हैं यादों की धरोहर,
अपने पास सहेज के रखना उनको ।
उपयोगी हैं मेरी यादें…
तुम्हारे दुःख मिटाने को ।