फिनलैंड में पुराने फोन, प्लास्टिक का नए सिरे से उपयोग…

आइये, कुछ बदलाव करें ।

सर्कुलर इकोनोमी अपनाएँ !

हर वेस्ट को बेस्ट बनाने का प्रयास करें, सदुपयोग करें,

सभी किस्म के कचरे और वेस्ट को,

रीयूज़ करने का अभियान चला दें !

अर्थ व्यवस्था को नया रूप प्रदान करें !

जैसे कि फिनलैंड ने यह मॉडल अपनाया है ।

जानिए विस्तार से…

55 लाख की आबादी के देश फिनलैंड ने धरती के प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के प्रयास बड़े पैमाने पर शुरू किए हैं । वहाँ सभी किस्म के कचरे और वेस्ट को खत्म करने का अभियान चल रहा है । स्कूली बच्चों को अर्थ व्यवस्था के वैकल्पिक रूप सर्कुलर इकोनॉमी का पाठ पढ़ाया जा रहा है । अधिकतर देश खरीदो, बनाओ, बेकार फेंको के लीनियर इकोनॉमी मॉडल पर चलते हैं । इसके तहत प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर उसके मूल्यवान तत्त्वों से प्रोडक्ट बनाते हैं । बेकार बची किसी भी चीज को वेस्ट के बतौर फेंक देते हैं ।

सर्कुलर इकोनॉमी में प्रकृति से संसाधन निकालने के बजाय मौजूदा प्रोडक्ट को बदलकर उपयोग में लाते हैं । इस तरह वेस्ट की धारणा बहुत हद तक खत्म हो जाती है । फिनलैंड में कचराघरों में जानेवाले वेस्ट में बहुत अधिक कमी हो गई है ।

फिनलैंड ने 2016 में सर्कुलर इकोनॉमी का मॉडल अपनाया है । देशभर में फैले 13 लर्निंग सेंटरों-रितिस्काया में स्कूली बच्चों को बैंकिंग, हेल्थ केयर, फैशन डिजाइनिंग से लेकर विभिन्न बिजनेस के गुर सिखाते हैं । वे आंत्रप्रेन्योरशिप के साथ सीखते हैं कि पुरानी चीजों का उपयोग कैसे करें, प्लास्टिक को फेंकने के बदले उसका क्या किया जाए । कई नई कंपनियों ने प्रोडक्ट बनाने में बायोप्लास्टिक, पेपरबोर्ड, कपड़ों जैसी नई सामग्री का इस्तेमाल शुरू किया है । आईफोन को नया रूप देनेवाली कंपनी स्वैपी ने पुराने फोन का प्रचलन बड़े पैमाने पर बढ़ाया है । स्वैपी पुराने फोन को रिपेयर कर परंपरागत एडवरटाइजिंग के जरिये उनकी मार्केटिंग करती है । सरकारी कंपनी फोर्टम प्लास्टिक की रिसाइक्लिंग से नए सामान बनाती है । बहुत लोग बायोप्लास्टिक से बने प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं । हेलसिंकी में कुछ रेस्तरां शून्य वेस्ट की नीति पर चल रहे हैं ।

पेट्रोल, डीजल, गैस से अधिक लकड़ी का उपयोग

फिनलैंड में बदलाव का असर दिखाई पड़ने लगा है । एक सर्वे के अनुसार 82% नागरिक सोचते हैं कि सर्कुलर इकोनॉमी से नए जॉब बनते हैं । कई शहरों ने अपने मॉडल तैयार किए हैं । देश की फॉरेस्टरी इंडस्ट्री ने बड़े पैमाने पर वृक्ष लगाने की शुरुआत की है । अब 28% घरेलू ईंधन लकड़ी के उपयोग पर आधारित हैं । 2020 में लकड़ी के ईंधन का उपयोग पेट्रोल, डीजल, गैस जैसे जीवाश्म ईंधन से अधिक हो गया ।

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