Quote – April 14, 2021
अपने दुःख में कौन नहीं रोता ? सब रोते हैं । दूसरों के दुःख को जो अपना दुःख नहीं समझता उसका दुःख कभी दूर नहीं होगा । जब तक दूसरे के सुख को अपना सुख नहीं समझोगे तब तक अपने हृदय में सुखस्वरुप सर्वेश्वर प्रकट भी नहीं होंगे । अतः प्राणिमात्र में अपनी आत्मा को [...]
Quote – April 13, 2021
संघर्ष करने से डरने की जरुरत नहीं । आपकी इच्छाशक्ति मजबूत होनी चाहिए । ये जितनी मजबूत होगी, मंजिल की ओर उतनी ही तेजी से आप आगे बढ़ेंगे । मंजिल भी आपकी तरफ बढ़ेगी । सारे डर, सारी समस्याएँ एक तरफ रखकर, इच्छाशक्ति मजबूत बनाइये, जी-जान से उत्थान की तरफ आगे बढ़िए । जगाइये, अपनी [...]
Quote – April 12, 2021
आप अनुभवों के बारे में लिखें, जो आपको अपने जीवन में हुए हैं । उससे दूसरों को भी फायदा मिलता है । अपनी कहानी और अनुभव लिखने से आप दूसरों को प्रेरित करते हैं। किस तरह मुश्किलों का सामना करते हुए आपने सफलता प्राप्त की जब आप ये लिखते हैं तब बहुत से लोग आपसे [...]
Quote – April 11, 2021
कोई विजेता उस समय विजेता नहीं बनते जब वह किसी प्रतियोगिता को जीतते हैं, लेकिन विजेता तो वह उन घंटों, सप्ताहों, महीनों और वर्षों में बनते हैं जब वह इसके लिए तैयारी करते हैं । विजय निस्पादन तो केवल उनके विजेता स्वभाव को परिलक्षित करता है ।
Quote – April 10, 2021
नदी की तरह आगे बढ़ते जाओ । नदी के पास समुद्र तक पहुँचने का कोई नक्शा नहीं होता ।
साँई श्री लीलाशाहजी महाराज प्राकट्य दिवस 2021 विशेष
साँई श्री लीलाशाहजी महाराज (प्राकट्य दिवस विशेष) (परम पूज्य साँई लीलाशाहजी की जीवनी ’जीवन सौरभ’ पुस्तक के कुछ अंश ) ब्रह्मज्ञानी महापुरुषों की परंपरा आज भी जीवित है, सद्गुरु स्वामी रामानंदजी महाराज की परंपरा अपने सत्शिष्य संत कबीरदासजी पंथ से लेकर पूज्य संत श्री आशारामजी बापूजी जैसे महापुरुषों तक की ये संत परंपरा आज भी [...]
जीवन में रंग भरती होली !
उल्लास और आनंद के समागम के साथ जीवन में रंग भरती होली... जीवन में इसका बड़ा महत्त्व है कि हम कैसे रंगों का समायोजन, अलगाव या जुड़ाव रखते हैं । जीवन में रंग महती भूमिका निभाते हैं । रंगों के माध्यम से ही हम प्रकृति की हरियाली से लेकर सूरज की सुनहरी रोशनी, आसमान का [...]
बुरा ना मानो होली है…
रंगोत्सव, होलिकोउत्सव की सभी को बधाईयाँ व शुभकामनाएँ... बुरा ना मानो होली है... पल पल रंग बदलती है दुनिया... और लोग पूछते हैं होली कब है? आज है...भाई आज है... “हो”...”ली”... जो हो, ली... मतलब जो बीत चुकी, गुज़र चुकी... उसकी फ़िक्र क्या करना ? क्यूँ करना ? कब तक करना ? जो बीत गयी [...]