सच्चा व आखिरी आनंद तभी मिलेगा जब आप आनंद की तलाश करना छोड़ दोगे ! आनंद व आपके बीच इच्छा मात्र का जब त्याग कर दोगे तब आप स्वयं आनंद स्वरूप बन जाओगे ! आप स्वयं जीते-जी चालते -फिरते उठते बैठते आनंद का पुंज बनोगे ! इस आकृति के मध्य में जो काला बिंदु है, [...]
तुम नहीं थे तो कुछ स्वर अधूरे रह गए सावन की काली घटा थी पर खाली झूले रह गए तुम नहीं थे तो कुछ स्वर अधूरे रह गए बह रही पुरवा पवन थी कोयल की कू-कू खिले सुमन थे पर मगर तुमसे प्रणय की इच्छा अधूरी रह गई तुम नहीं थे तो कुछ स्वर अधूरे रह [...]
'End' और 'And' एक ही तरीके से बोला जाता है लेकिन एक में पूरा करने की बात है और दूसरे में जुड़ने की बात है। कोई भी सफलता अंतिम नहीं होती, कोई विफलता जानलेवा नहीं होती, बस, हम कितने आगे बढ़ते रहते हैं - यही मायने रखता है । अवसर - मुसीबतों के बीच ही [...]
ज्ञान पाने की सच्ची विधि प्रयोग है। कुछ नया करने से कभी डरें नहीं । इंसान से सब कुछ छीना जा सकता है- लेकिन एक चीज कभी छीनी नही जा सकती वो है किसी भी परिस्थिति में अपना रुख व मार्ग पसंद करने की ताकत । डटे रहो - बढ़ते रहो ! धैर्य-सातत्य । उत्तम [...]
अपनी सोच को सपनों से भी बड़ा करके देखो ! पुरुषार्थ करो, केवल किस्मत के भरोसे बैठे मत रहो ! अपने आप पर दृढ़ विश्वास करो आप सब कुछ कर सकते हैं । असंभव कुछ नहीं, सब संभव है ! आज हमारे आपके पास जो जितने विकल्प हैं, उतने पहले नहीं थे । जीवन सरक [...]
हर सुबह एक नई शुरुआत है और हर रात एक नए सपने का बीज है। अवसर - मौके होते हैं सूर्योदय जैसे । अगर विलंब किया तो वे हाथ से छूट जाते हैं । अंतः जिंदगी में कई मौके आते हैं, आयेगें- चुके बिना उसे पकड़ें और आगे बढ़ें ।
जिस तकलीफ को प्रसन्नता ठीक नहीं कर सकती, उसे कोई दवा ठीक नहीं करती । अत: हर कठिन से कठिन तकलीफ को अपनी प्रसन्नता से ठीक करें ! प्रसन्न रहना इश्वर की सर्वोपरी भक्ति है । प्रसन्न रहें - हर हाल में ! सारी तकलीफों को कहें - "अलविदा !!" Always Happiness..... जिंदगी है बड़ी [...]
समय उन लोगों की अवश्य सुनता है जो उसका सही उपयोग करते हैं। वक्त खडाऊ पहनकर तेजी से गुजरता है... कभी वो गैलेक्सी पर पांव रखता है कभी पर्वतों को लांघता है, कभी कायनात को पार करता है। जो बदलता है वक्त के साथ वह तरक्की करता है। अतः समय (वक्त) का महत्व समझें । [...]
गौतम बुद्ध ने क्या मजे की बात कही.. कि कोई आपके कंधे पर हाथ रखे तो तुम्हारी हिम्मत बढ़ जाती है, लेकिन तुम्हारे कंधे पर किसी का हाथ नहीं होता तब तुम स्वयं खुद की शक्ति बन जाते हो । यह शक्ति ही इश्वर है। "अप्प दीपो भव " खुदका दीया खुद ही बनो। स्वयं [...]
अपने देश की रक्षा करना और देश की उन्नति का प्रयत्न करते रहना यह देश में रहने वाले हम सभी नागरिकों का कर्तव्य है। चाहे हम सभी विभिन भाषा बोलने वाले हों और विभिन्न रीति रिवाज़ रखने वाले हों । फिर भी हमारी एकता, अखंडता और देश हित की भावना बरकरार रहनी चाहिए और इसमें [...]
नेचर फोटोग्राफी में विजेता रही वर्ष 2024 की यह फोटो, हमें सीख दे रही है कि हमारे बीच का स्नेह-प्रेम - संबंध - सदैव बना रहे। हमारी मैत्री टिकाऊ रहे। हमारे बीच अलगाव, मनमुटाव, वैमनस्य, नफरत पनपने न पाये, हमारे संबंध मधुर रहें। हम साथ रहें, साथ जीएं , साथ आगे बढें! हमारा मन, हमारा [...]
Exclusive… सूरत से पूज्य श्री नारायण साँईं जी का विशेष हस्तलिखित संदेश ! मेरी प्यारी यादें, पावन मंगलमय स्मृतियाँ रह रह कर तुम्हारे दिलों में अंकित होती रहें, मेरी मधुर आवाज की खुशबू - वैदिक मंत्र की ऋचाएँ, प्रार्थना- भजन-संकीर्तन की धूनें- तुम्हें थिरकाती रहें - हृदय में भक्ति रस को जगाती रहें- मेरे सत्संग- [...]
Exclusive… सूरत से पूज्य श्री नारायण साँईं जी का रक्षाबंधन संदेश ! रक्षाबंधन, श्रावणी पूर्णिमा की खूब-खूब बधाई व शुभकामनाएँ ! ये पवित्र स्नेह का बंधन हमारी आत्मीयता, हमारे स्नेह, हमारी सुरक्षा, हमारी एकता, हमारी अखंडता को दिनोंदिन अधिकाधिक मजबूत करता रहे ! रक्षाबंधन और भाई दूज - निष्काम भाई-बहन के प्रेम के हैं ये [...]
मेरे प्रिय साधकों, मेरे आत्मीय भक्तजनों, मेरे स्नेही समर्थकों, मेरे मित्रों, मेरे साथियों, मेरे प्यारे भाईयों और बहनों, बहुत ही मुश्किल से और अथाह प्रयत्नों से हमें आजादी प्राप्त हुई है । हमारे पुरखों ने न जाने कितने बलिदान देकर देश को आजाद बनाया है और गुलामी से मुक्त किया है । मैं बहुत ही [...]
पूज्य श्री नारायण साँई जी 'ओहम्मो' का पत्र आपके लिए… ! ! (वकीलों द्वारा प्राप्त) 4 जुलाई, 2018 स्नेहाशीष के साथ पत्र का शुभारंभ कर रहा हूँ । देश-विदेश के मेरे प्यारे मित्रों ! साथकों- भक्तजनों ! समर्थकों ! पाठकों ! आप सभी कुशल मंगल होंगे, ऐसी मैं आशा करता हूँ । मैं ‘नारायण साँई' [...]
वर्तमान को बेहतर बनायें और भविष्य को उज्जवल स्कॉटलैंड देश की एक आध्यात्मिक शिक्षिका व लेखिका है इलीन केडी । बहुत बढ़िया बात कही है उन्होंने । वे कहती हैं – ‘हमेशा याद रखिए कि प्रेम, आनंद और सुख – एक उचित वातावरण को सृजित करता है और समान विचार के लोगों को पास में [...]