"नारायण साँई का वैश्विक सार्वजनिक पत्र" देश-विदेश में रहनेवाले मेरे प्यारे भाईयों-बहनों ! साधक-भक्तजनों ! आपके समक्ष सूरत की जेल से मैं, नारायण साँई शब्ददेह बनकर बहुत समय के बाद उपस्थित हुआ हूँ । कई दिनों से आपको पत्र लिखने का सोच रहा था । काफी कशमकश के बाद, आखिर आज आपके लिए विशेष रूप [...]
साँईं संदेश... किसी ने ठीक ही कहा है कि – ” बंद पिंजरों में परिंदों को देखा है कभी ? ऐसे सिसकते हैं मोहब्बत के मुजरिम अक्सर । “ बहुत सच लगती है ये बात । गहराई से सोचने पर । हमने अब समय के साथ ये सीखा है और सीख रहे [...]
सावन के महीने में स्वयं के भीतर जाग्रत होने दो, शिवत्व का शक्तिपात...! बोलो हर हर महादेव... जय जय शंकर, हर हर शंकर... हे भूतनाथ, हे भोलेनाथ, हे सोमनाथ, हे आदिनाथ... ॐ नमः शिवाय । ॐ नमः शिवाय । । सूरत जेल से, श्रावण के इस पवित्र महीने [...]
अनमोल संदेश (12 October 2016) मेरे प्यारे साधकों, भाईयों, बहनों, मित्रों, साथियों, समर्थकों, पाठकों, देश-विदेश में रहनेवाले मेरे चाहकों ! आप सभी को नवरात्रि, दशहरा, विजयादशमी और दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं ! डटे रहो, लगे रहो पारमार्थिक कार्यो में, भारत को विश्वगुरु बनाने में, आत्म उन्नति में और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में ! अन्याय, [...]