अपने स्वरूप का बोध, अपनी आत्मा का साक्षात्कार -जीवत्व हट गया, अहंता हट गयी, ममता हट गयी, जन्म-जन्मांतरों में भटकानेवाले जो संस्कार थे, वो हट गए और गुरुकृपा से बोध हो गया । अपनी आत्मा का बोध हो गया। यह पुण्यमय, पवित्र साधकों के लिए प्रेरणादायी और उत्सव मनानेवाला दिवस हैं आत्मसाक्षात्कार दिवस । देश [...]
जीवन में सकारात्मकता लाएँ ! आपकी अपेक्षाएँ, आपकी भावनाएँ, आपकी इच्छाएँ, आकांक्षाएँ क्या आपके जीवन से बड़ी हैं ? जरा सोचिये ! अगर ऐसा होता तो आत्महत्या के बाद भी सुकून शांति क्यों नहीं मिलती ? इसका उत्तर है – आपका जीवन सबसे अनमोल है । किसी ऐसे कारणों से हताश-निराश होकर इस अमृततुल्य जीवन [...]
भगवान गणपति पूजन की महिमा एवं विधि... भगवान गणपति का उत्सव देश और विदेश में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है । 'गणपति बप्पा मोरया, लाड़ू लाओ लवकरया ।' इस प्रकार गणपति बप्पा के भक्त रिद्धि और सिद्धि की प्राप्ति के लिए, बुद्धि को सूक्ष्म बनाने के लिए और अपने जीवन मार्ग में आनेवाले [...]
बस यही प्रार्थना है !!! जिस प्रकार देवों के देव महादेव पहले प्रकट हुए और फिर उनके सुपुत्र श्री गणेशजी का आगमन हुआ, उसी प्रकार हमारे शिवस्वरूप बापूजी पहले हमारे बीच आए और अब हमारी यही प्रबल प्रार्थना है कि हमारे गणपति स्वरूप साँईंजी भी शीघ्र हमारे बीच पधारें ! इस वर्ष भी वही दिव्य [...]
आइये एक नई परंपरा अपनाएँ, अपने घर इको-फ्रेंडली गणेश लाएँ - पूज्य श्री नारायण साँईं जी गणेश उत्सव की परंपरा में, पर्यावरण के दृष्टिकोण को शामिल करें... कुदरत को संभाले, कुदरत हमें संभाले । POP में से बनी हुई मूर्तियाँ जलाशयों को प्रदूषित करती हैं । तो आईये, इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर मिट्टी की [...]
Janmashtami Special | Shri Krishna Divya Charitra | (श्री कृष्ण दिव्य चरित्र) - पूज्य श्री नारायण साँईं जी जन्माष्टमी... कृष्ण का नाम लेते ही रस की अनुभूति है, जिसमें कर्षण है अर्थात् खिंचाव है, आकर्षण है, आनंद है, सुख है, शांति है, उत्सव है, पौरुष है, वो है कृष्ण... जो दुःख के समय भी मलिनता [...]
सभी भारतीय मेरे हैं, अपने हैं । मेरा जीवन सभी भारतीयों के लिए है । मेरा जीवन भारतवासियों की रक्षा, उत्थान व मंगल के लिए है । मेरे लिए जाति, धर्म, मजहब, संप्रदाय के मायने बाद में है, पहले हर भारतवासी नागरिक मेरे अपने देश का नागरिक है । मैं हर भारतीय से प्रेम, स्नेह [...]
Happy Rakshabandhan!!!!! रक्षाबंधन का धागा महज रेशम का कच्चा धागा मात्र नहीं होता । उसे मजबूत बनाता है.. आपसी विश्वास और प्रेम । असल में भाई-बहन का प्यार खून के रिश्ते का मोहताज नहीं है, रेशम का एक धागा ही काफी है । मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली समझता हूँ कि मुझे बहनों का अपार [...]
वाहन चलाते समय मोबाईल का इस्तेमाल ना करें, दुर्घटनाओं को रोकें । - पूज्य श्री नारायण साँईं जी देश के विभिन्न भागों में सड़क हादसों में मौतों का ग्राफ जिस तरह से बढ़ रहा है, वह न केवल चिंताजनक है, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि इस तरह के हादसे रोकने के लिए [...]
अशुद्ध बुद्धि से गलत इरादे रखकर आजकल कुछ युवतियाँ या महिलाएँ पुरुषों के ऊपर गलत आरोप लगाती हैं और महिला सुरक्षा के बने हुए कानूनों का दुरुपयोग करती हैं ऐसी कई घटनाएँ सामने आ रही है । महिलाओं/युवतियों द्वारा लगाए हुए मनगढ़त गलत बेबुनियाद यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, छेड़छाड़ के आरोपों के कारण कई पुरुष [...]
24 घंटे में से डेढ़ घंटा ऐसा निकाले कि उसमें ना कोई काम हो, ना कोई योजना हो। बस वो अपने आप के साथ कनेक्ट होना है। दुनिया के साथ कनेक्ट होने के चक्कर में अपने आप के साथ कनेक्ट होना भूल गए । "सेल्फ कनेक्ट " दूसरों से कनेक्ट होने के चक्कर में अपने [...]
हम सद्गुरु को नमस्कार क्यों करते हैं ? हम संतों की वंदना क्यों करते है ? हम सद्गुरु को नमस्कार क्यों करते है ? महापुरुषों की सेवा क्यों करते है ? उनके आगे क्यों नतमस्तक होते है ? क्योंकि उन्होंने अपने करने की, मानने की, जानने की तीनों शक्तियों का सदुपयोग किया । महान [...]
सद्गुरु कृपा की संपत्ति ! बाहर का धन तो जॉब से मिलेगा और बिजनेस से मिलेगा लेकिन जब तक आध्यात्मिक धन जीवन में नहीं आया तो बाहर का धन किस काम का ? हम तो वो खजाना देते हैं जो मौत का बाप भी नहीं लूट सकता । और मीरा कहती है कि पायो मैंने [...]
🔹पुण्यों का संचयकाल : चतुर्मास (‘पद्म पुराण’ व ‘स्कंद पुराण’ पर आधारित) आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान विष्णु योगनिद्रा द्वारा विश्रांतियोग का आश्रय लेते हुए आत्मा में समाधिस्थ रहते हैं । इस काल को ‘चतुर्मास’ कहते हैं । इस काल में किया हुआ व्रत-नियम, साधन-भजन आदि अक्षय फल [...]