Janmashtami Special | Shri Krishna Divya Charitra | (श्री कृष्ण दिव्य चरित्र) - पूज्य श्री नारायण साँईं जी जन्माष्टमी... कृष्ण का नाम लेते ही रस की अनुभूति है, जिसमें कर्षण है अर्थात् खिंचाव है, आकर्षण है, आनंद है, सुख है, शांति है, उत्सव है, पौरुष है, वो है कृष्ण... जो दुःख के समय भी मलिनता [...]
सभी भारतीय मेरे हैं, अपने हैं । मेरा जीवन सभी भारतीयों के लिए है । मेरा जीवन भारतवासियों की रक्षा, उत्थान व मंगल के लिए है । मेरे लिए जाति, धर्म, मजहब, संप्रदाय के मायने बाद में है, पहले हर भारतवासी नागरिक मेरे अपने देश का नागरिक है । मैं हर भारतीय से प्रेम, स्नेह [...]
Happy Rakshabandhan!!!!! रक्षाबंधन का धागा महज रेशम का कच्चा धागा मात्र नहीं होता । उसे मजबूत बनाता है.. आपसी विश्वास और प्रेम । असल में भाई-बहन का प्यार खून के रिश्ते का मोहताज नहीं है, रेशम का एक धागा ही काफी है । मैं स्वयं को बहुत सौभाग्यशाली समझता हूँ कि मुझे बहनों का अपार [...]
वाहन चलाते समय मोबाईल का इस्तेमाल ना करें, दुर्घटनाओं को रोकें । - पूज्य श्री नारायण साँईं जी देश के विभिन्न भागों में सड़क हादसों में मौतों का ग्राफ जिस तरह से बढ़ रहा है, वह न केवल चिंताजनक है, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि इस तरह के हादसे रोकने के लिए [...]
अशुद्ध बुद्धि से गलत इरादे रखकर आजकल कुछ युवतियाँ या महिलाएँ पुरुषों के ऊपर गलत आरोप लगाती हैं और महिला सुरक्षा के बने हुए कानूनों का दुरुपयोग करती हैं ऐसी कई घटनाएँ सामने आ रही है । महिलाओं/युवतियों द्वारा लगाए हुए मनगढ़त गलत बेबुनियाद यौन उत्पीड़न, यौन शोषण, छेड़छाड़ के आरोपों के कारण कई पुरुष [...]
24 घंटे में से डेढ़ घंटा ऐसा निकाले कि उसमें ना कोई काम हो, ना कोई योजना हो। बस वो अपने आप के साथ कनेक्ट होना है। दुनिया के साथ कनेक्ट होने के चक्कर में अपने आप के साथ कनेक्ट होना भूल गए । "सेल्फ कनेक्ट " दूसरों से कनेक्ट होने के चक्कर में अपने [...]
हम सद्गुरु को नमस्कार क्यों करते हैं ? हम संतों की वंदना क्यों करते है ? हम सद्गुरु को नमस्कार क्यों करते है ? महापुरुषों की सेवा क्यों करते है ? उनके आगे क्यों नतमस्तक होते है ? क्योंकि उन्होंने अपने करने की, मानने की, जानने की तीनों शक्तियों का सदुपयोग किया । महान [...]
सद्गुरु कृपा की संपत्ति ! बाहर का धन तो जॉब से मिलेगा और बिजनेस से मिलेगा लेकिन जब तक आध्यात्मिक धन जीवन में नहीं आया तो बाहर का धन किस काम का ? हम तो वो खजाना देते हैं जो मौत का बाप भी नहीं लूट सकता । और मीरा कहती है कि पायो मैंने [...]
🔹पुण्यों का संचयकाल : चतुर्मास (‘पद्म पुराण’ व ‘स्कंद पुराण’ पर आधारित) आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक भगवान विष्णु योगनिद्रा द्वारा विश्रांतियोग का आश्रय लेते हुए आत्मा में समाधिस्थ रहते हैं । इस काल को ‘चतुर्मास’ कहते हैं । इस काल में किया हुआ व्रत-नियम, साधन-भजन आदि अक्षय फल [...]
सभी गुरुभाई एवँ गुरुबहनें गुरुपूनम के पावन पर्व पर अपने-अपने घरों में सद्गुरुदेव का विधिवत पूजन अथवा मानसिक पूजन अवश्य करें । ब्रह्ममुहूर्त के भी पहले उठने का प्रयास करें । स्नान करके प्रातः ४ बजे तक साधना में बैठें । कम-से-कम २-३ घंटे तक गुरुदेव का ध्यान करें । उसके बाद सद्गुरुदेव के लिए [...]
संगीत जीवन की ध्वनि है ! (विश्व संगीत दिवस - 21 जून) - पूज्य श्री नारायण साँईं सूरों के अनेक ताल हैं और हरेक ताल का भी एक लय है । संगीत की दुनिया में हमने अनेक सुर सुने होंगे और गाये होंगे लेकिन क्या आप जानते हो कि संगीत के कितने प्रकार हैं ? [...]
ये भी एक दृष्टिकोण है, एक मन्तव्य है — एक ठोस कारण हो सकता है... अहमदाबाद विमान दुर्घटना के पीछे! जहाँ सभी लोग अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जाँच के लिए गठित हुई हाई लेवल समिति के विश्लेषण की प्रतीक्षा कर रहे हैं और ब्लैक बॉक्स की जाँच-पड़ताल में क्या सामने आता है — ये जानने [...]
गुजरात के बड़ोदा में एम. एस यूनिवर्सिटी के संस्कृत महाविधालय के अध्यापक रामपाल शुक्ल ने आंध्र प्रदेश से पुंगनुर गाय मंगवाई है - इसकी कीमत 3.50 लाख रु. है । आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक वैधराज ने 14 साल की मेहनत के बाद पुंगनुर गाय की प्रजातियों में सुधार किया है । पहले ये [...]
हमारे प्रयास तेजी से व्यापक रूप से प्रदूषणमुक्त जीवनशैली अपनाने के होने चाहिये । हमारी जीवनशैली हमारे लिए ही खतरनाक बनती जा रही है । प्रदूषण इतना हम लोग फैलाते जा रहे हैं कि आनेवाली पीढ़ियों के लिए यह धरती हम रहने लायक नहीं छोड़ेंगे । ऐसा ही चलता रहा तो गाय के अलावा सस्तन [...]