आनंद मंगलं... शुभं भवतु कल्याणं ! आप सभी को गुरुपूर्णिमा की शुभकामनाएँ ! बहुत दिनों बाद पत्र लिख रहा हूँ । मेरा आरोग्य अच्छा है... और मन शांत, सम, प्रसन्न है । कोरोना काल में अधिकतर घरों में रहने से लोगों में, विद्यार्थियों में मोटापा बढ़ा है । मोटापा घटाने की एक सरल पद्धति प्रस्तुत [...]
अक्षय तृतीया अनंत फलदायक होती है । इस तृतीया को किए गए सारे काम शुभ फल देने वाले होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है । अक्षय तृतीया नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों को दान करने का महापर्व है।
आज के पथभ्रष्ट और दिशाहीन होते जा रहे युवाओं के लिए चरित्र का सर्वोत्तम आदर्श कोई है तो वह हनुमानजी है। पाश्चात्य अंधानुकरण आदि से जो भी अपना पतन कर चुके हैं वे भी हनुमानजी का स्मरण, चिंतन, पूजन व अनुसरण कर अपना जीवन ओजस्वी-तेजस्वी बना सकते हैं । ( स्रोत : विश्वगुरु ओजस्वी पत्रिका )
महावीर कौन ? महावीर को दुनिया पूजती है । जैन धर्म के महावीर... वीर नहीं महावीर । पूछो उन्होंने क्या किया था ? उन्होंने अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर ली । शत्रु कौन ? ये काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अभिमान । ये जो अपने मन में रहनेवाले दोष है न उसके ऊपर शौर्य..
हर एक में छिपा है महादेव ! हर एक में बसा है महादेव ! हर एक में महानता के बीज दबे हैं । हरेक के भीतर एक महादेव है, हर जीव में शिव है बस, जागृति होनी चाहिए ! सत्यं शिवं सुन्दरम् । शिवोहम्… शिवोहम्…सोहम् ।
शिव मोटिवेटर हैं, लीडर है, महादेव हैं | और वह महानता के बीज हम सबमें भी सुषुप्तावस्था में पड़े हैं | हर हर महादेव बोलते बोलते ये भी समझ है कि हर हर महादेव | सभी में शिव हैं – किसी का बुरा मत करो | किसी का अहित मत करो | जीव और शिव [...]
सद्गुरु समर्थ रामदास की आज्ञा से राष्ट्र सेवा में जीवन समर्पित करनेवाले छत्रपति शिवाजी महाराज : जिन्होंने गुरु के वस्त्र रूप प्रसाद को महाराष्ट्र का तज बना दिया । कोटि-कोटि प्रणाम उन सद्गुरुओं को, जिन्होंने राष्ट्रसेवा में अपने सत्शिष्यों को प्रवृत्त किया, उनका मार्गदर्शन किया। जनता की सेवा ही जनार्दन की सेवा है ।
ये वसंत पंचमी कल थी । वसंतोत्सव का, वसंत ऋतु का शुभारंभ हो रहा है और मातृ-पितृ पूजन दिवस के इस कार्यक्रम में आप सम्मिलित हुए है । देश-विदेश में यह कार्यक्रम बड़े धूमधाम से, बड़े पैमाने पर बहुत श्रद्धा, आदर और माता-पिता, गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य के साथ मनाया जा [...]
विश्व ने फिर से कुछ दिन पहले एक महान तत्वचिंतक, स्थितिप्रज्ञ महापुरुष को खो दिया है... 22 जनवरी 2022 को वियतनामी बुद्धिस्ट ब्रह्मज्ञानी संत थिक न्यात हान वैश्विक चेतना में लीन हो गए। उनको ओजस्वी परिवार की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पण करते हुए हम उनके कुछ श्रेष्ठ प्रवचनों के अंश चिंतन प्रसाद के रूप [...]
जब कोई भी डर, और संघर्ष का मुक़ाबला करने का नहीं होता तब समझो ज़िंदगी का आधा रस ही समाप्त हो गया! इसलिए हर डर, हर संघर्ष का पूरे मन से मुक़ाबला करते रहो... !
अध्यात्म की दुनिया तो एकदम निराली है। उसमें तुम्हारी चाल या शैली के साथ कोई लेना-देना नहीं है। जन्मों-जन्मों तक रात-दिन दौड़ा जाये तब भी कभी पहुँचा नहीं जा सकता और कुछ लोग तो आँखे खोलते ही पलकभर में पहुँच जाते हैं। अध्यात्म के जगत् में तुम कितना दौड़ते हो यह बिलकुल जरूरी नहीं [...]
एक खास बात है - कि लगभग हर मनुष्य स्वयं को अतृप्त, अपरिपूर्ण महसूस करता है ! हर मानव पूर्ण तृप्ति, पूर्ण संतुष्टि चाहता है परंतु उसे लाख कोशिशें करने के बावजूद भी तृप्ति , संतुष्टि मिलती नहीं है ! क्यों ? क्योंकि सही मार्ग से बेखबर है ! गुजरात के पोरबंदर में एक निलेश [...]
शरद पूर्णिमा पर नारायण साँईं का संदेश... आप सभी को शरद पूर्णिमा की हार्दिक बधाई देता हूँ । नवरात्र व दशहरा (विजयादशमी) के बाद अब दीपावली के प्रकाश पर्व की बेसब्री से प्रतीक्षा हो रही है । शरद पूर्णिमा के बाद तोड़े गए आँवलों का महत्व है और इन आँवलों से बना च्यवनप्राश बहुत गुणकारी [...]