साँई संदेश : खास बात…

साँई संदेश : खास बात…

खास बात…

आज कुछ खास बात लिख रहा हूँ, जिसे समझने की जरूरत है ।

देखो, अपनी वर्तमान परिस्थिति चाहे जैसी भी हो, अच्छी-बुरी, लेकिन उसे दोष दिए बिना या किस्मत की लकड़ी पर टिके रहकर वर्तमान क्षणों को बर्बाद ना करें । मिली हुई प्रत्येक क्षण – हरेक क्षण – पल का जितना हो सके, सदुपयोग करके फायदा उठाने का प्रयास करें । प्रतिदिन हम सभी को 86,400 अनमोल क्षणों (24 घंटे की कुल सेकेंड्स) की मोतियों की मानों माला मिलती है । संसार में रहनेवाली 84 लाख प्रजातियों में से कर्म करने की स्वतंत्रता की गरिमा हम सभी मनुष्यों के लिए अनमोल है । 

चाहे अनेक विफलताएँ मिले, उसके बावजूद निरंतर पुरुषार्थ बिना थके, बिना निराश हुए जारी रखिए । आज न सही कल, अवश्य असामान्य सफलता प्राप्त होगी ही, इस विश्वास के साथ पुरुषार्थ जारी रखें ! 

वैदिक ज्ञान कर्मों और हमारी किस्मत के बीच प्रगाढ़ संबंध बताता है – ‘पूर्व जन्म कृतं कर्म तदैवमिति कथ्यते ।’ हमने पिछले जन्म में जो कर्म किए हैं, वो ही इस जन्म में अपनी किस्मत बनती है । दूसरे शब्दों में, किस्मत कोई ऐसी चीज नहीं है, जो स्वर्ग से उतरी हो । हमारा वर्तमान कार्य ही इस जीवन और आनेवाले अनेक जन्मों में योगदान दे रहे हैं । 

अतः रोजमर्रा के जीवन में कर्म करने की स्वतंत्रता का सदुपयोग करके हम किस्मत को अपने पक्ष में करने की क्षमता रखते हैं । हम स्वयं ही अपने भाग्य के विधाता बन सकते हैं, केवल पुरुषार्थ जारी रखें ! 

हजार बार असफल होने के बावजूद प्रयास जारी रखनेवालों की अवश्य विजय होकर ही रहती है । असंभव कुछ नहीं, सब कुछ संभव है । 

 

 

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